रांची: झारखंड में शिक्षक बनने के इच्छुक 1018 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 29 जून को इन सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। इस अवसर पर रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन सभागार में एक भव्य समारोह आयोजित होगा। सरकार इसे राज्य में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानती है। इन 1018 अभ्यर्थियों का चयन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा किया गया है, जिसमें प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5) और मध्य विद्यालय (कक्षा 6 से 8) के लिए चयनित शिक्षक शामिल हैं। आयोग की अनुशंसा के बाद सभी अभ्यर्थियों की जिला स्तर पर काउंसलिंग प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है और अब वे नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं।
पहले भी बांटे जा चुके हैं नियुक्ति पत्र
यह पहला अवसर नहीं है जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देंगे। पिछले महीने भी उन्होंने 319 सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे, जिसमें 198 प्राथमिक विद्यालय और 121 मध्य विद्यालय के शिक्षक शामिल थे। सरकार शिक्षकों की नियुक्ति को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रही है, ताकि स्कूलों में खाली पदों को भरा जा सके। राज्य सरकार का लक्ष्य सहायक आचार्य के कुल 26,001 पदों पर नियुक्ति करना है। अब तक लगभग 10,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन कुछ पद अभी भी खाली हैं। इसके पीछे योग्य अभ्यर्थियों की कमी और तकनीकी कारणों को बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि बाकी रिक्त पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया जारी है।
466 अभ्यर्थियों का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन भी शुरू
इस बीच, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के तहत छह विषयों के लिए 466 अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। इनमें माध्यमिक आचार्य और विशेष शिक्षा आचार्य दोनों पदों के अभ्यर्थी शामिल हैं। आयोग ने बताया है कि अन्य विषयों के उम्मीदवारों की जांच भी शीघ्र शुरू की जाएगी। शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच 18 और 19 जून को रांची के नामकुम स्थित जेएसएससी कार्यालय में की जाएगी। यह प्रक्रिया दो पालियों में संपन्न की जाएगी। अभ्यर्थियों को सभी मूल प्रमाणपत्रों के साथ समय पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। यदि कोई अभ्यर्थी किसी आवश्यक कारण से इन दोनों दिनों में उपस्थित नहीं हो पाता है, तो उसे 24 जून को अंतिम अवसर दिया जाएगा। इसके बाद अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों का दावा स्वतः समाप्त माना जाएगा।
