चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा सेल खदान क्षेत्र में स्थानीय युवाओं की बहाली के लिए चल रहे अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन के बीच, बुधवार को सेल प्रबंधन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। प्रबंधन ने गुवा में कार्यरत सभी ठेकेदारों के साथ बैठक कर निर्देशित किया कि जब तक आंदोलन जारी रहेगा, तब तक किसी भी ठेका मजदूर को काम पर नहीं लगाया जाएगा।
ठेका मजदूरों में चिंता का माहौल
प्रबंधन के इस निर्णय के बाद, क्षेत्र में ठेका मजदूरों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है। रोजाना कमाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले मजदूरों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों का कहना है कि काम बंद होने से उनकी जीवनयापन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
यूनियन ने आरोप लगाए
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने सेल प्रबंधन की नीतियों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रबंधन जानबूझकर मजदूरों के बीच द्वेष को बढ़ावा दे रही है। पांडे ने आरोप लगाया कि प्रबंधन आंदोलन का समाधान निकालने के बजाय मजदूरों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा, “ठेका मजदूर रोज कमाने वाले लोग हैं। अगर उन्हें काम से बाहर किया गया, तो उनके सामने परिवार चलाने का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा और भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है।”
यूनियन की तैयारी
रामा पांडे ने चेतावनी दी कि सेल प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीतियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए यूनियन अब आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
खदान क्षेत्र में तनाव
लगातार जारी आंदोलन और प्रबंधन के निर्णय के बाद गुवा खदान क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय युवाओं की बहाली की मांग को लेकर मुंडा-मानकी संघ के बैनर तले चल रहा आंदोलन पहले ही खदान, क्रशर प्लांट और परिवहन व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच अब तक किसी ठोस समाधान का निकलना संभव नहीं हो सका है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक मजदूरों के हितों की रक्षा नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
