जीतू मुंडा का अनोखा कदम: बहन के कंकाल के साथ बैंक पहुंचे

ओडिशा के केन्दुझर जिले के पटना क्षेत्र से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। दियानाली गांव के 50 वर्षीय जीतू मुंडा ने अपनी मृत बहन का कंकाल कंधे पर उठाकर बैंक में प्रवेश किया। उनकी बहन, कालरा मुंडा, की मृत्यु करीब दो महीने पहले बीमारी के चलते हुई थी। जीतू ने अपनी बहन के बैंक खाते से लगभग 19 हजार रुपये निकालने के लिए कई बार बैंक का दौरा किया, लेकिन आवश्यक दस्तावेज की कमी के कारण उन्हें हर बार वापस लौटना पड़ा।

कब्र से कंकाल निकालकर बैंक में प्रदर्शन

आशाहीन होकर जीतू मुंडा ने अपनी बहन की कब्र खोदकर उसका कंकाल निकाला और लगभग 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचे। वहां उन्होंने कंकाल को बैंक के बाहर रखकर धरना दिया। जीतू ने कहा कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को बताया कि उनकी बहन की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन किसी ने उनकी बात पर विश्वास नहीं किया। इस वजह से उन्हें यह असामान्य कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को संभाला। पटना थाना प्रभारी किरण प्रसाद साहू ने बताया कि जीतू मुंडा आदिवासी समुदाय से हैं और बैंकिंग प्रक्रिया के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उन्हें सही तरीके से प्रक्रिया समझाई नहीं गई, जिसके कारण यह विवाद खड़ा हुआ।