नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बड़ा झटका लगा है. लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी की संसद की सदस्यता को रद्द कर दिया है. दरअसल, सूरत कोर्ट ने मानहानि मामले में गुरुवार को राहुल गांधी को दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी. राहुल गांधी केरल के वायनाड से सांसद थे. दोषी करार दिए जाते ही केरल की वायनाड सीट से सांसद की लोकसभा सदस्यता ‘स्वतः’ ही अयोग्यता के दायरे में आ गई है, हालांकि कुछ अन्य का कहना था कि अगर राहुल गांधी दोषसिद्धि के फैसले को पलटवाने में कामयाब हो जाते हैं, तो अयोग्यता से बच सकते हैं. कुछ कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, भले ही राहुल गांधी को ज़मानत भी मिल गई है, और उन्हें इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 30 दिन की मोहलत भी दी गई है, लेकिन अदालत के फैसले की वजह से उनकी संसद सदस्यता पर ‘स्वतः अयोग्यता’ का खतरा पैदा हो गया है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 (3) के अनुसार, जिस क्षण किसी संसद सदस्य को किसी भी अपराध में दोषी करार दिया जाता है, और कम से कम दो साल कैद की सज़ा सुनाई जाती है, वह संसद सदस्य रहने के लिए अयोग्य हो जाता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, सूरत कोर्ट के फैसले के आधार पर लोकसभा सचिवालय राहुल गांधी को अयोग्य घोषित कर उनकी संसदीय सीट को रिक्त घोषित कर सकता है. इसके बाद निर्वाचन आयोग इस सीट पर विशेष रूप से चुनाव की घोषणा करेगा.
जाने-माने वकील तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद महेश जेठमलानी ने NDTV से बातचीत में कहा, “कानून के मुताबिक, वह अयोग्य हैं, लेकिन इस फैसले की जानकारी स्पीकर को दी जानी होगी… लेकिन आज की तारीख में वह अयोग्य हैं…”
वरिष्ठ वकील तथा पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल, जो पहले कांग्रेस के ही साथ थे, ने भी कहा कि दो साल की सज़ा सुनाए जाने के साथ ही राहुल गांधी सांसद के तौर पर स्वतः अयोग्य हो चुके हैं।
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