मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विधानसभा सत्र पर बयान

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में विधानसभा सत्र के समापन के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक अजीब स्थिति उत्पन्न की जा रही है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों की सराहना की, जो आवश्यक मुद्दों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। सोरेन ने यह भी उल्लेख किया कि सदन के अंदर नोट उड़ाए जा रहे हैं, जो राजनीति का एक हिस्सा बन चुका है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार में गरीबों और युवाओं की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि उनके पास से पैसे कैसे निकल रहे हैं।

सत्य की दीवारें और रोजगार का संकट

सीएम ने कहा कि एक पुरानी कहावत है कि सच्चाई को चाहे कितनी भी मजबूत दीवारों के पीछे रखा जाए, वह अंततः सामने आ ही जाती है। वर्तमान में, राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर अपनी वास्तविक इच्छाशक्ति को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी चिंता व्यक्त की, जो करोड़ों छात्रों के रोजगार के अवसरों को प्रभावित कर रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय छोटे और मध्यम प्रतिष्ठान बंद हो रहे हैं, जिससे रोजगार की कमी हो रही है।

भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय निवासियों की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में हुई विभिन्न नियुक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें से अधिकांश चयनित अभ्यर्थी स्थानीय निवासी थे। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक के चयनित अभ्यर्थी यहां के मूल निवासी थे। सोरेन ने भाजपा शासनकाल में अन्य राज्यों के लोगों द्वारा बड़ी संख्या में नियुक्तियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि विपक्ष के हर प्रश्न का उत्तर उनके पास है। उन्होंने विपक्ष की महत्वाकांक्षाओं को लेकर भी चिंता जताई, जो सत्य का सामना करना कठिन बनाती हैं।