झारखंड विधानसभा में विपक्षी विधायकों का मामला विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंचा

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों को सदन की कार्यवाही में भाग लेने से रोकने का मामला अब विधानसभा अध्यक्ष के पास पहुंच चुका है। भाजपा के सचेतक राज सिन्हा ने इस संदर्भ में एक पत्र लिखकर इसे विशेषाधिकार हनन करार दिया है और कार्रवाई की मांग की है।

रांची जिला प्रशासन की कार्रवाई का आरोप

राज सिन्हा ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 10 अगस्त 2026 को विधानसभा सत्र के दौरान रांची जिला प्रशासन की कार्रवाई के कारण उन्हें सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होने दिया गया। इस दिन सदन में महत्वपूर्ण चर्चा और मतदान होना था, जिसमें प्रथम अनुपूरक अनुदानों की मांगों पर विचार किया जाना था। लेकिन प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के चलते वे इसमें भाग नहीं ले सके।

विपक्षी विधायकों की गिरफ्तारी का दावा

पत्र में राज सिन्हा ने यह भी बताया कि राज्य के छात्रों के रोजगार संबंधी मुद्दों और प्रदेश की विधि-व्यवस्था की स्थिति पर मुख्यमंत्री को अवगत कराने के लिए विपक्षी विधायक उनसे मिलने जा रहे थे। इसी दौरान रांची जिला प्रशासन ने उन्हें सार्वजनिक स्थान पर रोका और बलपूर्वक कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई विपक्षी विधायकों को बिना किसी उचित कारण के सदन की कार्यवाही से दूर रखा गया।

विशेषाधिकार हनन की मांग

राज सिन्हा ने बताया कि 11 अगस्त की सुबह उन्हें बलपूर्वक गिरफ्तार किया गया, जिससे उनकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बाधित हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा का मानसून सत्र पहले से निर्धारित था और इसकी सूचना राज्य के सभी जिला पुलिस एवं प्रशासन को दी जा चुकी थी। इस प्रकार विधायकों को सदन की कार्यवाही में शामिल होने से रोकना विशेषाधिकार हनन और असंवैधानिक कार्रवाई है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया है।