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गयाजी में प्रखंड विकास पदाधिकारी की रिश्वतखोरी का मामला
गयाजी में प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार को 50,000 रुपए की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ा, जो कि सुचिता रंजनी की शिकायत पर की गई कार्रवाई का परिणाम है। राकेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने लेबर मद से संबंधित ₹3.5 लाख के भुगतान के लिए रिश्वत मांगी थी। वर्ष 2025 में यह निगरानी की 16वीं प्राथमिकी है, जिसमें अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और ₹7.15 लाख की संपत्ति भी जब्त की गई है।
घटना का विवरण
गयाजी में प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार ने प्रखंड प्रमुख सुचिता रंजनी से रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद प्रखंड प्रमुख ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। निगरानी टीम ने जाल बिछाकर उन्हें प्रखंड कार्यालय में 50,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए हिरासत में लिया। बताया गया है कि कुमार ने बिल पास करने के लिए रिश्वत मांगी थी, जिसके बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई
निगरानी ब्यूरो के उपाधीक्षक सतेंद्र राम के नेतृत्व में गठित टीम ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। राकेश कुमार को गिरफ्तार करने के बाद अब निगरानी की टीम उनसे पूछताछ कर रही है ताकि मामले की पूरी जानकारी मिल सके। यह राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई को दर्शाता है।
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