जमशेदपुर : कदमा शास्त्री नगर उपद्रव मामले में जेल गए 9 नेताओं की जमानत अर्जी जमशेदपुर एसडीजेएम बंकिम चंद्र चटर्जी की अदालत ने रद्द कर दी. सभी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, फायरिंग, पथराव व नारेबाजी कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने समेत अन्य आरोप में केस दर्ज है. पुलिस ने सभी को 10 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. घाघीडीह जेल में बंद नेताओं ने दो दिन पूर्व अदालत में जमानत अर्जी दी थी. अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस हुई. दोनों पक्ष की दलली सुनने के बाद अर्जी रद्द कर दी गई. हेमंत सोरेन मालूम हो कि 9 अप्रैल की शाम धार्मिक झंडे पर मांस बाधने की अफवाह के बाद शास्त्री नगर में तीन दिनों तक उपद्रव हुआ था. इसके बाद से वहां धारा 144 लागू कर दिया गया था. पुलिस ने पूरे मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है. उप्रदव के बाद से इलाके में रैफ की तैनाती भी की गई थी. शास्त्रत्त्ीनगर में 8 दिन बाद निषेधाज्ञा हटी कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रत्त्ीनगर से निषेधाज्ञा अर्थात धारा 144 का आदेश को निरस्त कर दिया गया है. धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी ने यह आदेश जारी किया था. नौ अप्रैल को विवाद के बाद शास्त्रत्त्ीनगर के ब्लॉक नंबर 3 की 500 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा का आदेश जारी किया गया था. Also Read – झारखंड के धनबाद में गांव के मेले में नकली चाट मसाला खाने से 80 बीमार जेल में बंद उपद्रव के आरोपियों से मिले सहिस भाजपा नेताओं के बाद उसके सहयोगी आजसू के नेताओं ने शास्त्रत्त्ीनगर उपद्रव के आरोपियों से जेल में मुलाकात की. आजसू के नेता और पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस की अगुवाई में पार्टी के नेता घाघीडीह जेल में बंद अभय सिंह जनार्दन पांडेय, गोपी प्रमाणिक एवं अन्य को सहयोग का आश्वासन दिया है. सहिस ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बोलने पर ही पाबंदी लगा दी है. पार्टी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी हुई है. उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और निर्दोषों को छोड़ने का आग्रह किया है. जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि नेताओं को राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के कारण फंसाया गया है.
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!