रांची में निदेशक पद की नियुक्ति को लेकर उठे सवाल

हाल ही में रांची में निदेशक पद पर नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन में कुछ महत्वपूर्ण त्रुटियाँ सामने आई हैं। इन त्रुटियों के संबंध में नेता प्रतिपक्ष ने एक पत्र के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता या अहर्त्ता का उल्लेख न होना एक गंभीर गलती है, जो किसी भी नियुक्ति की पहली शर्त होती है।

शैक्षणिक योग्यता का अभाव

नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि निदेशक, डीन या अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति के लिए भारतीय संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार NMC द्वारा निर्धारित योग्यताओं का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि NMC के दिशा-निर्देशों के तहत केवल चिकित्सा फैकल्टी वाले उम्मीदवार ही इन पदों के लिए योग्य माने जाते हैं, जो कि NMC द्वारा अधिसूचित गजट के पारा 5 में भी उल्लेखित है।

अविवेकी नियमावली का मुद्दा

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्वास्थ्य विभाग ने RINPAS में निदेशक पद के लिए 14 अक्टूबर 2024 को एक नई नियमावली जारी की है, जिसमें गैर चिकित्सा संवर्ग को भी शामिल किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने इसे अव्यवहारिक और अनुचित बताते हुए कहा कि यह National Medical Council द्वारा निर्धारित नियमों और उपनियमों के खिलाफ है।

NMC के मानकों का पालन आवश्यक

नेता प्रतिपक्ष ने स्वास्थ्य विभाग से अनुरोध किया है कि निदेशक पद की नियुक्ति NMC द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार की जाए। उनका कहना है कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी नियुक्तियाँ नियमों के अनुरूप हों, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में कोई कमी न आए।