झारखंड में परीक्षा प्रणाली सुधार के लिए कमेटी का गठन
रांची: झारखंड में परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कमेटी के गठन को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट के माध्यम से सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। मरांडी का कहना है कि 17 अगस्त को राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच विचार-विमर्श के बाद सरकार ने परीक्षा सुधार के लिए कमेटी बनाने की घोषणा की थी। हालांकि, इस कमेटी की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ कौशल को दिए जाने के बावजूद अभी तक कमेटी के गठन का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है।
परीक्षा रद्द करने के नोटिफिकेशन पर सवाल
मरांडी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने परीक्षाओं को रद्द करने की सूचना रातोंरात जारी कर दी, लेकिन परीक्षा सुधार कमेटी के गठन में काफी देरी हो रही है। उन्होंने इसे सरकार की दोहरी नीति करार देते हुए कहा कि झारखंड के छात्र सरकार की पूरी प्रक्रिया को भली-भांति समझ रहे हैं।
अमिताभ कौशल की अध्यक्षता पर उठे सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कमेटी के अध्यक्ष के रूप में अमिताभ कौशल को चुनने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि रांची मेन रोड हिंसा और ट्रेजरी घोटाले से संबंधित मामलों में भी कौशल की अध्यक्षता वाली कमेटियों की रिपोर्ट या तो आगे नहीं बढ़ पाती हैं या सार्वजनिक नहीं की जाती।
परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि परीक्षा सुधार कमेटी के नाम पर किसी प्रकार की लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड के छात्र अब चुप नहीं रहने वाले हैं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता एवं सुधार के लिए आंदोलन जारी रहेगा।


