जामताड़ा में कांवड़ियों पर हमले की घटना
जामताड़ा जिले के चैंगगायडीह गांव के पास देवघर और बासुकिनाथ धाम से लौट रहे कांवड़ियों पर शुक्रवार शाम को एक अप्रत्याशित हमला हुआ। लगभग 200 की संख्या में आक्रामक भीड़ ने कांवड़ियों की गाड़ी को घेर लिया और उन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। जामताड़ा पुलिस की तत्परता से सभी कांवड़ियों की जान बच गई।
विवाद का कारण और हमले की शुरुआत
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र के निवासी कांवड़िया योगेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि वे दो गाड़ियों में यात्रा कर रहे थे। जब उनकी गाड़ी से सड़क पर किसी व्यक्ति पर पानी के छींटे पड़े, तो विवाद उत्पन्न हो गया। देखते ही देखते, 200 से अधिक लोग एकत्रित हो गए और कांवड़ियों पर हमला बोल दिया।
गाड़ी को नुकसान और श्रद्धालुओं पर हमला
हमलावरों ने श्रद्धालुओं की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया, जिसके शीशे भी टूट गए। इस दौरान, एक कांवड़िया रवींद्र सोनी के साथ भी मारपीट की गई। जान बचाने के लिए सभी श्रद्धालु पास के एक घर में जाकर छिप गए।
पुलिस की मदद और स्थिति की निगरानी
घर में छिपे कांवड़ियों ने गूगल के माध्यम से जामताड़ा थाना का संपर्क नंबर प्राप्त किया और तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस बल ने जल्द ही मौके पर पहुंचकर सभी कांवड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला और थाने ले गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए, एसडीओ और जामताड़ा एसडीपीओ ने भी थाने का दौरा किया और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है।


