मुंबई: प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक कुमार सानू ने अपनी पूर्व पत्नी रीता भट्टाचार्य के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। यह याचिका मुंबई हाई कोर्ट में प्रस्तुत की गई है। सानू का आरोप है कि हालिया इंटरव्यू और सोशल मीडिया गतिविधियों ने उनके सामाजिक और पेशेवर साख को गंभीर रूप से क्षति पहुंचाई है। उन्होंने अदालत से माफी के साथ-साथ 50 करोड़ रुपये या उचित क्षतिपूर्ति करने की मांग की है।

सानू की ओर से वकील सना रईस खान ने याचिका पेश की है। इसमें यह अनुरोध किया गया है कि रीता भट्टाचार्य को सानू और उनके परिवार के खिलाफ किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने या सामग्री साझा करने से रोका जाए। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मेटा से सभी कथित मानहानिकारक पोस्ट और इंटरव्यू हटाने की भी मांग की गई है।

तलाक समझौते का हवाला

याचिका में 2001 में हुई तलाक की चर्चा भी की गई है। 9 फरवरी 2001 को बांद्रा फैमिली कोर्ट में सानू और रीता का तलाक स्वीकृत हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से कुछ मानदंड तय किए थे। इनमें यह भी शामिल था कि भविष्य में दोनों एक-दूसरे पर सार्वजनिक रूप से आरोप नहीं लगाएँगे। सानू का कहना है कि हालिया इंटरव्यू इन शर्तों का उल्लंघन है।

इंटरव्यू से क्यों भड़के कुमार सानू

सितंबर 2025 में रीता भट्टाचार्य ने एक इंटरव्यू में अपने वैवाहिक जीवन और तलाक के संदर्भ में कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसी इंटरव्यू के आधार पर कुमार सानू ने कानूनी कार्रवाई का निश्चय किया। याचिका में स्पष्ट किया गया है कि इन आरोपों ने न केवल उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि उन्हें और उनके परिवार को मानसिक पीड़ा भी दी है।

रीता भट्टाचार्य ने इस इंटरव्यू में कहा था कि तलाक के समय वे अपने तीसरे बेटे के साथ गर्भवती थीं और इस दौर ने उन्हें गहरे मानसिक आघात पहुँचाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें आवश्यक सुविधाएँ नहीं मिलीं और अदालत के समक्ष उपस्थित होने के लिए मजबूर किया गया।

गर्भावस्था और आर्थिक मदद का दावा

रीता भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, घर से बाहर जाने के बाद भी उन्हें रोजाना बहुत कम आर्थिक सहायता भेजी जाती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि आवश्यक घरेलू सामान तक साथ रख लिया गया और दूध व दवाइयों की व्यवस्था बंद कर दी गई। हालांकि, इन आरोपों पर अब कानूनी स्तर पर सुनवाई होने जा रही है।

कुमार सानू की याचिका के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। अब मुंबई हाई कोर्ट यह तय करेगा कि क्या इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट तलाक की शर्तों का उल्लंघन करते हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि मानहानि के आरोप कितने सत्यता पर आधारित हैं। यह मामला न केवल दोनों पक्षों के लिए, बल्कि सेलिब्रिटी मामलों से संबंधित कानूनी पहलुओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।