गुमला में अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई
झारखंड के गुमला जिले में अवैध बालू खनन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कठोर कदम उठाते हुए एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। बसिया थाना क्षेत्र में जिला खनन विभाग की शिकायत पर अवैध बालू भंडारण के संबंध में 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस कार्रवाई से अवैध धंधेबाजों के बीच हड़कंप मच गया है।
छापेमारी और जब्ती की जानकारी
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 17 अप्रैल 2026 को जिला टास्क फोर्स ने गुप्त सूचना के आधार पर बसिया अंचल के मौजा बोगालोया और उसके आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई के दौरान लगभग 30,000 घनफीट अवैध बालू जब्त किया गया। छापेमारी के बाद, जिला खनन विभाग ने पूरे मामले की गहन जांच की और अवैध कारोबार में शामिल व्यक्तियों की पहचान की, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
नामजद आरोपियों की सूची
पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में जिन 10 लोगों को नामजद किया गया है, वे गुमला जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं। आरोपियों की सूची निम्नलिखित है: पार्थ सिंह, ईश्वर गोप, अजीत इंदवार, सोमरा उरांव, कुलदीप उरांव, बैजनाथ गोप, धरमा बड़िया, राजेंद्र गोप, कारू सिंह, और जबर खान। खनन विभाग ने स्पष्ट किया कि संबंधित स्थल पर बिना वैध पट्टा या अनुज्ञप्ति के बालू का उत्खनन, परिवहन और भंडारण किया जा रहा था, जो सरकार के राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाला है। आरोपियों पर खनन एवं खनिज अधिनियम 1957 की धारा 4 और 21, झारखंड लघु खनिज नियमावली 2004 तथा झारखंड मिनरल्स (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियम 2017 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच की जिम्मेदारी
इस गंभीर मामले की जांच की जिम्मेदारी बसिया थाना के सब-इंस्पेक्टर संगम कुमार को सौंपी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस अवैध कारोबार में संलग्न किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वर्तमान में, पुलिस नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है।
