रघुवर के पांच मंत्रियों के खिलाफ होगी एसीबी जांच

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ने दो मामलों की जांच का दिया आदेश

अमर बाउरी, नीरा यादव, रणधीर सिंह, नीलकंठ और लुईस मरांडी पर आरोप

देवघर में 114.78 डिसमिल भूमि का एलपीसी देने की होगी जांच

रांची। भाजपा की रघुवर सरकार में मंत्री रहे भाजपा विधायक अमर बाउरी, रणधीर सिंह, नीरा यादव और नीलकंठ सिंह मुंडा के साथ पूर्व विधायक लुईस मरांडी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज रघुवर सरकार में मंत्री रहे पांचों भाजपा नेताओं के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने ओरापी सभी के खिलाफ प्रीमिलरी इंक्वायरी (पीई) दर्ज करने का आदेश दिया है। सभी पर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने देवघर में भू माफियाओं से संलिप्त पदाधिकारियों के विरुद्ध भी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जांच कराने का निर्देश भी आज दिया। मुख्यमंत्री ने भूमि का अवैध एलपीसी निर्गत कर निबंधन करने में संलिप्त देवघर के तत्कालीन अंचल अधिकारी अमर प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी जयवर्द्धन कुमार एवं तत्कालीन अवर जिला निबंधक राहुल चौबे के विरुद्ध पीई दर्ज करते हुए एसीबी से जांच कराने का निर्देश दिया है।

पांचों मंत्रियों के खिलाफ अलग-अलग पीई दर्ज करेगी एसीबी
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अब एसीबी पांचों पूर्व मंत्रियों के खिलाफ अलग-अलग पीई दर्ज करेगी। जांच में सबूत मिलने पर सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जायेगी। यह पहला मौका है, जब झारखंड की हेमंत सरकार ने एक साथ पांच पूर्व मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश एसीबी को दिया है।

पंकज यादव की शिकायत पर हुई थी जांच
जानकारी के मुताबिक पंकज कुमार यादव ने मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को एक शिकायत की थी। शिकायत में तथ्यों की जानकारी देते हुए पंकज यादव ने सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने का आग्रह किया था। इसे लेकर उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका भी दाखिल किया था। पंकज यादव की शिकायत की प्रारंभिक जांच में एसीबी ने पांचों पूर्व मंत्रियों के खिलाफ लगाये गये आरोपों को सही पाया। जिसके बाद विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए सरकार को अनुशंसा भेजी थी। एसीबी ने सभी के खिलाफ पीई दर्ज करने की अनुमति मांगी थी।

पांच वर्षों में 1100 प्रतिशत तक बढ़ी संपति
पंकज कुमार यादव द्वारा हाईकोर्ट में दायर पीआईएल संख्या 316/ 2020 में यह कहा गया है कि वर्ष 2014 में अमर बाउरी की संपत्ति 7.33 लाख थी। जो 2019 में 89.41 लाख हो गई। रणधीर कुमार सिंह की संपत्ति वर्ष 2014 में 78.92 लाख थी, जो साल 2019 में 5.06 करोड़ हो गई। नीरा यादव की संपत्ति वर्ष 2014 में 80.59 लाख थी, जो साल 2019 में बढ़कर 3.65 करोड़ हो गई। लुईस मरांडी की संपत्ति वर्ष 2014 में 2.25 करोड़ थी, तो साल 2019 में बढ़कर 9.06 करोड़ हो गई। इसी तरह नीलकंठ सिंह मुंडा की संपत्ति 1.46 करोड़ थी, जो वर्ष 2019 में बढ़कर 4.35 करोड़ हो गई। अगर आंकड़ों को देखें तो इन पूर्व मंत्रियों की संपत्ति में सिर्फ पांच वर्षों में 200 से लेकर 1100 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हुई है। जो आश्चर्यजनक है।

देवघर में 114.78 डि. भूमि का अवैध एलपीसी निर्गत किया
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, देवघर द्वारा इन पदाधिकारियों के विरुद्ध मौजा श्यामगंज, थाना नंबर 413, प्लॉट नंबर 240, कुल रकबा 114.78 डि. भूमि का अवैध एलपीसी निर्गत कर भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत कर अवैध रूप से भूमि की खरीद बिक्री से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई थी। इससे संबंधित उपायुक्त देवघर द्वारा पर्याप्त साक्ष्य भी समर्पित किया गया है।

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