झारखंड सरकार का आदेश: 60 कार्यदिवस में निपटेंगी सरकारी कर्मचारियों की शिकायतें, विलंब पर होगी सख्त कार्रवाई।

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एक नज़र में पूरी खबर

  • झारखंड सरकार ने सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों की शिकायतों के समाधान के लिए 60 कार्यदिवस के भीतर निपटारे की नई नियमावली लागू की है।
  • समय सीमा में शिकायतों का निपटारा न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
  • इस नियमावली का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना है।

झारखंड में सरकारी सेवकों की शिकायतों के निपटारे के लिए नई नियमावली

झारखंड सरकार ने सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों की शिकायतों के समाधान के लिए एक नई नियमावली लागू करने का निर्णय लिया है। इस नियमावली के अनुसार, सभी शिकायतों का निपटारा हर हाल में 60 कार्यदिवस के भीतर करना अनिवार्य होगा। यह पहल सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के लिए की गई है।

नियमावली के प्रमुख बिंदु

नई नियमावली में तय किया गया है कि यदि किसी शिकायत का समाधान निर्धारित समय सीमा में नहीं किया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए जाएंगे कि शिकायतों का समय पर निपटारा हो, जिससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बेहतर सेवा मिल सके।

सरकारी सेवकों के लिए लाभ

इस नियमावली के लागू होने से सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए एक स्पष्ट और निश्चित समयसीमा मिलेगी। इससे न केवल उनकी समस्याओं का समाधान जल्दी होगा, बल्कि सरकारी अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ेगा कि वे अपने कार्यों में तेजी लाएं।

अनुशासनात्मक कार्रवाई

यदि कोई विभाग या अधिकारी 60 कार्यदिवस के भीतर शिकायतों का निपटारा नहीं करता है, तो उस पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम सरकारी कर्मचारियों के बीच जिम्मेदारी की भावना को बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

निष्कर्ष

झारखंड सरकार की यह नई नियमावली सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो उनके अधिकारों की रक्षा करती है और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक ठोस प्रणाली स्थापित करती है।

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