Table of Contents
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
सिमडेगा की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने की पहल
सिमडेगा में केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र भगत और उनके अन्य सदस्यों ने स्थानीय उपायुक्त कंचन सिंह से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने जिले की सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों के लिए आभार व्यक्त किया। समिति ने उल्लेख किया कि पुराने अनुमंडल कार्यालय, जो 1915 में अंग्रेजों द्वारा स्थापित किया गया था, को हेरिटेज सेंटर-सह-म्यूजियम के रूप में विकसित करने की पहल प्रशंसनीय है।
परंपरागत संस्कृति की सुरक्षा की आवश्यकता
समिति के सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से जिले की पारंपरिक, सांस्कृतिक, और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की जरूरत महसूस की जा रही थी। प्रशासन की इस पहल के चलते सिमडेगा को एक समृद्ध म्यूजियम मिलेगा, जो न केवल जिले के इतिहास और संस्कृति को सुरक्षित रखेगा, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी विरासत से भी जोड़ेगा।
पुरातात्त्विक वस्तुओं का दान
बैठक के दौरान, सरना समिति के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को बताया कि उनके पास कई प्राचीन और पारंपरिक वस्तुएं मौजूद हैं, जिन्हें वे संग्रहालय में दान देने के लिए तैयार हैं। यह कदम संग्रहालय की समृद्धि में योगदान देगा और स्थानीय संस्कृति को आगे बढ़ाएगा।
सरहुल पर्व का आमंत्रण
इस अवसर पर, सरना समिति ने उपायुक्त कंचन सिंह को सरहुल पर्व के लिए आमंत्रित किया। सिमडेगा में सरहुल एक प्रमुख त्योहार है, जिसका आयोजन भव्य पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया जाता है। यह उत्सव सलडेगा चौक स्थित सरना स्थल पर पूजा-अर्चना से प्रारंभ होता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ अंत होता है। 🎉
इस प्रकार, सिमडेगा की यह पहल न केवल सांस्कृतिक विरासत को संजोने में मदद करेगी, बल्कि स्थानीय समुदाय को एकजुट करने का भी कार्य करेगी।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!