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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड में हाल ही में भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर सिंह की दुखद मौत के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। उनकी असामयिक मृत्यु के चलते लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ लापरवाही के आरोप लगाते हुए जलडेगा बंद का आह्वान किया। सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर आए, जिससे पूरे क्षेत्र का जनजीवन ठप हो गया। बाजारों में सन्नाटा पसर गया और यहां-वहां वाहनों की आवाजाही भी बंद हो गई।
सड़कों पर जनाक्रोश: 🚧
गुरुवार सुबह जलडेगा की मुख्य सड़कों पर बंद समर्थकों की भीड़ जमा होने लगी। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सड़कें जाम कर दीं, जिससे वाहन चलाना पूरी तरह से रुक गया। इस दौरान लोग “दोषियों को सजा दो” और “स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारो” जैसे नारे लगाते दिखाई दिए। बंद का प्रभाव इतना व्यापक था कि लंबी दूरी की बसों का चलना भी रुक गया।
रांची जाने वाली बस को रोका गया
इस आंदोलन के दौरान गांगुटोली से रांची की ओर जा रही एक बस को प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया। इस घटना के कारण बस में बैठे यात्री काफी देर तक सड़क पर फंसे रहे। केवल बसें ही नहीं, बल्कि निजी वाहनों को भी आगे बढ़ने नहीं दिया गया। जगह-जगह पर बाइक और कार सवारों को लौटने पर मजबूर होना पड़ा।
परिजनों के आरोप – इलाज में देरी
प्रदर्शन में शामिल लोग और रामेश्वर सिंह के परिजनों का कहना है कि उन्हें समय पर सही उपचार नहीं मिल सका। उनका आरोप है कि अस्पताल में आपातकालीन सुविधाओं की कमी थी और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। परिजनों का मानना है कि अगर उन्हें समय पर उपचार मिल जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।
प्रशासन की तत्परता: सुरक्षा बल तैनात 🛡️
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहने का निर्णय लिया है। जलडेगा के प्रमुख चौक-चौराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जाकर प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने की कार्रवाई कर रहे हैं। हालांकि, आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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