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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
झारखंड में हाथियों और मानवों के बीच संघर्ष अब एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। पिछले एक महीने में इन हमलों में तीन दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, धनबाद रेल मंडल में कल शाम एक घटना ने रेलवे प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
ट्रैक पर आया हाथियों का झुंड 🐘
महुआमिलान और निद्रा स्टेशन के बीच अचानक हाथियों का एक बड़ा झुंड रेलवे ट्रैक पर आ गया। हाथी काफी देर तक पटरी पर घूमते रहे, जिससे सुरक्षा के लिहाज से रेलवे को तुरंत इस रूट की ट्रेनों को रोकने का निर्णय लेना पड़ा। धनबाद से डालटनगंज जाने वाली ट्रेनों की आवाजाही रुक गई, जिससे कुछ ट्रेनें रास्ते में खड़ी रहीं व कुछ को नजदीकी स्टेशनों पर रोका गया। यात्रियों को इस स्थिति में काफी देरी का सामना करना पड़ा।
कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित 🚂
जब हाथी काफी देर तक ट्रैक से नहीं हटे, तो रेलवे ने कई ट्रेनों का रूट बदलने का निर्णय लिया। सबसे पहले 13025 हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस को बरकाकाना में रोका गया और इसे हजारीबाग टाउन, कोडरमा और गया के रास्ते भेजा गया। इसके अलावा, अन्य ट्रेनों का मार्ग भी बदला गया, जिनमें शामिल हैं:
- 11448 हावड़ा-जबलपुर शक्तिपुंज एक्सप्रेस
- 12877 रांची नई दिल्ली गरीब रथ एक्सप्रेस
- 13347 बरकाकाना पटना पलामू एक्सप्रेस
- 18635 रांची सासाराम एक्सप्रेस
- 18611 रांची वाराणसी एक्सप्रेस
- 18309 संबलपुर जम्मूतवी एक्सप्रेस
- 18524 बनारस विशाखापट्टनम एक्सप्रेस
- 21894 पटना टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस
- 13348 पटना बरकाकाना पलामू एक्सप्रेस
कुछ ट्रेनों को बरकाकाना–हजारीबाग टाउन–कोडरमा–गया रूट से चलाया गया, जबकि अन्य को गढ़वा रोड–गया–गोमो–बोकारो–मूरी के रास्ते भेजा गया।
सुरक्षा सबसे पहले 🔒
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। हाथियों के पूरे ट्रैक से हटने तक ट्रेनों का संचालन नहीं बढ़ाया गया। यद्यपि फिलहाल ट्रेनों का संचालन सामान्य हो गया है, यह घटना एक बार फिर यह स्पष्ट करती है कि झारखंड में हाथियों और मानवों के बीच संघर्ष एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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