जमशेदपुर: गोलमुरी में फल व्यापारी कन्हैया यादव की हत्या रेकी के बाद, एक दिन पहले हुई थी पुलिस शिकायत।

by PragyaPragya
JAMSHEDPUR : गोलमुरी में फल व्यापारी कन्हैया यादव की रेकी के बाद की गई थी हत्या, घटना के एक दिन पहले पुलिस से की गई थी शिकायत

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

जमशेदपुर: गोलमुरी में फल व्यापारी कन्हैया यादव की हत्या एक सोची-समझी साजिश

जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में नामदा बस्ती के निवासी फल व्यापारी कन्हैया यादव की मौत एक योजनाबद्ध हत्या का परिणाम है। इस घटना से एक दिन पहले ही उनके खिलाफ एक शिकायत गोलमुरी पुलिस में दर्ज कराई गई थी, जिसमें उनकी रेकी की बात उठाई गई थी। यदि पुलिस ने उसी दिन उचित कार्रवाई की होती, तो कन्हैया की हत्या को टाला जा सकता था।

व्यापारियों का थाने पर हंगामा

इस घटना के बाद, व्यापारी समुदाय की आक्रोशित भीड़ ने देर रात थाने का रुख किया। उन्होंने कन्हैया की हत्या में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इसके साथ ही व्यापारियों ने थाने के सामने धरना भी दिया। उनका आरोप है कि वे लगातार धमकाए जा रहे हैं और अज्ञात लोगों से उन्हें फोन और मैसेज आ रहे हैं।

घटना स्थल की सुरक्षा पर सवाल

कन्हैया यादव की हत्या उस स्थान पर हुई, जो डीएसपी कार्यालय के नजदीक है। यादव समाज के नेता महेंद्र यादव ने चिंता व्यक्त की कि यदि इतने संवेदनशील क्षेत्र में एक हत्या हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा।

वर्चस्व की लड़ाई के चलते हत्या का शक

कहा जा रहा है कि कन्हैया यादव की नियुक्ति के बाद से क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। उनके कुछ प्रतिद्वंद्वियों के साथ विवाद भी चला आ रहा था, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि उनकी हत्या उसी कारण से की गई हो।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

इस घटना के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए संभावित स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

घटना का विवरण

यह घटना बुधवार सुबह हुई, जब कन्हैया अपने एक साथी के साथ टहल रहे थे। तभी बाइक पर आए तीन बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। कन्हैया को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

गोलीबारी के संरचना

मृतक के शरीर पर दाहिने हाथ, पीठ, सिर और छाती में गोलियों के कई निशान पाए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हमला बेहद गंभीर था।

इस घटना ने न केवल व्यापारियों में डर और असुरक्षितता की भावना पैदा की है, बल्कि इससे स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं।

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