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रक्सौल में श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान अफरातफरी
डेस्क: हाल ही में बिहार के रक्सौल में श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान भीड़ प्रबंधन की कमी की वजह से एक बड़ी घटना घटित हुई। आयोजन समिति द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के उचित उपाय नहीं किए जाने के कारण रविवार को स्थिति बेकाबू हो गई। जब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य कथास्थल पर पहुंचे, तो श्रद्धालुओं का एक विशाल समूह पंडाल में प्रवेश करने की कोशिश करने लगा।
भीड़ में मची अफरातफरी
इस घटना के दौरान मुख्य गेट की रेलिंग टूट गई और कई श्रद्धालुओं को चोटें आईं। कुछ महिलाएं बेहोश हो गईं और कई बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा।
श्रद्धालुओं की नाराजगी
श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति द्वारा बनाई गई वीआईपी व्यवस्था पर नाराजगी प्रकट की। उनका मत था कि कथा एक सार्वजनिक कार्यक्रम है और इसके लिए चंदा वसूला गया है, तो वीआईपी लोगों को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है। सामान्य श्रद्धालुओं को इससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आयोजन समिति द्वारा तैनात सुरक्षा गार्डों पर दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए।
पुलिस का बयान
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने बताया कि लाठीचार्ज नहीं किया गया है, केवल भीड़ को नियंत्रित करने हेतु कदम उठाए गए हैं।
पुलिस बल की तैनाती
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस भी लगाई जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि भीड़ की अधिकता के कारण कुछ समस्याएं हुई हैं और आयोजन समिति को अगले दिन व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा, कथा स्थल पर खोए हुए बच्चों के लिए कोई हेल्प डेस्क या पूछताछ काउंटर की व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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