अनुराग ठाकुर ने पाकिस्तान को टी-20 विश्व कप के बहिष्कार पर फटकारा

by TejaswitaTejaswita Mani
'भारत से दोबारा हारने का खौफ', अनुराग ठाकुर ने टी-20 वर्ल्ड कप मैच छोड़ने पर पाकिस्तान को लताड़ा | Pakistan Fear Defeat in T20 World Cup Match Cricket Boycott anurag thakur scolded

भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट में बढ़ता तनाव

नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 के नजदीक आते ही भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के मैदान पर तनाव बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान टीम ने 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच से हटने का निर्णय लिया है, जिसने खेल जगत में हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर ने इस कदम को पाकिस्तान की कमजोरी और हार के डर का संकेत बताया है। इस फैसले ने खेल से जुड़ी कूटनीति और राजनीति के बीच सवाल उठाए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों पर विवाद उत्पन्न हो रहा है।

अनुराग ठाकुर की टिप्पणी

अनुराग ठाकुर ने पाकिस्तान को लक्ष्य बनाते हुए कहा कि वे भारत के खिलाफ फिर से हारने से भयभीत हैं, इसलिए इस मैच से हट रहे हैं। उन्होंने सीएनएन-न्यूज18 के साथ बातचीत में बताया कि पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को श्रीलंका जाने की स्वीकृति दी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच खेलने से मना कर दिया। ठाकुर का मानना है कि यह निर्णय खेल भावना को नुकसान पहुंचाता है और हार से बचने की रणनीति है, जिससे पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है और क्रिकेट प्रेमियों में निराशा उत्पन्न हो रही है।

मदन लाल का तीखा बयान

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल ने इस मामले पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस तरह के निर्णय पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और वहां की सरकार को अपने क्रिकेट के लिए भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। मदन लाल के अनुसार, राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण पाकिस्तान अपनी वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि खिलाड़ियों के हितों को राजनीति के दबाव में लाना भविष्य में पाकिस्तान के क्रिकेट के लिए आत्मघाती हो सकता है।

घरेलू राजनीति और खेल का सम्मिलन

सरकारी सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान का यह फैसला खेल की तुलना में पूरी तरह घरेलू राजनीतिक गणनाओं पर आधारित है। बलूचिस्तान में हाल के हमलों के बाद, पाकिस्तान के नेतृत्व के लिए भारत के साथ खेलना एक राजनीतिक जोखिम बन गया है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने बिना जांच के इन हमलों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। इस स्थिति में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ मैदान में उतरना उनकी सरकार के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है, इसलिए उन्होंने मैच से बाहर रहने का विकल्प चुना है।

कट्टरपंथियों का दबाव और कूटनीति

पाकिस्तान सरकार इस मैच को टालकर उन कट्टरपंथी समूहों के गुस्से से बचना चाहती है जो क्रिकेट को केवल खेल नहीं, बल्कि एक कूटनीतिक उपकरण मानते हैं। इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने का कूटनीतिक कदम उठाया है ताकि भारत के खिलाफ अपने बहिष्कार से ध्यान हटाया जा सके। वे टूर्नामेंट के अन्य मैचों के जरिए अपनी रैंकिंग और वित्तीय हितों की सुरक्षा करना चाहते हैं, जबकि केवल भारत के साथ वाले मैच को छोड़कर अपने घरेलू नाराटिव को संतोषजनक बनाए रखना चाहते हैं, जो उनकी कूटनीतिक चालों को दर्शाता है।

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