Table of Contents
‘बाहुबली’ के ओपनिंग सीन में राजामौली की महात्वाकांक्षा
नई दिल्ली। एसएस राजामौली की फिल्म ‘बाहुबली – द बिगनिंग’ ने 2015 में न केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि यह एक कल्ट हिट भी बन गई। इस फिल्म के निर्माण के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन राजामौली ने अपने विजन को साकार करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। एक विशेष सीन के लिए उन्होंने 5 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसका इस्तेमाल वीएफएक्स की मदद से आसानी से किया जा सकता था। लेकिन राजामौली ने असलीपन को प्राथमिकता दी।
परफेक्ट व्यू की तलाश
दिलचस्प बात यह है कि जिस सीन के लिए इतना बड़ा बजट खर्च हुआ, वह केवल 8 मिनट का था। यह सीन फिल्म के ओपनिंग सीन में शामिल था, जिसमें प्रभास एक झरने से छलांग लगाते नजर आए। राजामौली ने पूरे देश में झरनों का मुआयना किया, लेकिन उन्हें अपनी अपेक्षाओं के अनुसार व्यू नहीं मिला।
खुद का वॉटरफॉल बनाना
आखिरकार, राजामौली ने अपने सेटअप में खुद एक वॉटरफॉल बनाने का निर्णय लिया। रामोजी फिल्म सिटी में 25 क्रू मेंबर्स की मदद से उन्होंने 100 फीट का एक सेट बनाया। इस सेट पर आधे से अधिक हिस्सा असली रखा गया, जबकि बाकी को ग्रीन स्क्रीन से कवर किया गया। इस सेटअप के तहत प्रति सेकंड 33 लीटर पानी स्प्रे किया जाता था, जिससे प्रभास को वास्तविक झरने का अनुभव हो सके। कुल मिलाकर, हर मिनट 2000 लीटर पानी का उपयोग किया गया।
भारत का सबसे बड़ा ग्रीन स्क्रीन सेट
इसके साथ, यह सेटअप उस समय भारत के सबसे बड़े ग्रीन स्क्रीन सेट के रूप में जाना जाता था। फिल्म में जो छलांग आप प्रभास से देख रहे हैं, वह असल में उनके द्वारा ही की गई थी। इस तरह से, 8 मिनट के इस दृश्य को कास्ट करने में 5 करोड़ रुपये खर्च हुए। राजामौली को बॉलीवुड के उन निर्देशकों में माना जाता है, जो अपनी फिल्मों में परफेक्शन के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!