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नई दिल्ली: भारत के युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने घरेलू क्रिकेट में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में, उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड स्थापित किया है जो किसी भी बल्लेबाज के लिए अद्वितीय है। पडिक्कल अब विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में दो अलग-अलग सत्रों में 700 से अधिक रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
पडिक्कल की ऐतिहासिक उपलब्धि
बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड में मुंबई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में पडिक्कल ने यह उपलब्धि प्राप्त की। इस मैच से पहले उन्हें इस सीजन में 700 रन बनाने के लिए केवल 60 रन की जरूरत थी, जिसे उन्होंने 24वें ओवर में पूरा कर लिया।
मुंबई के खिलाफ निर्णायक पारी
मुंबई के विरुद्ध नाबाद 81 रन की उनकी पारी ने उनकी टीम को जीत दिलाई और साथ ही यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज किया। इससे पहले, कई बल्लेबाजों ने विजय हजारे ट्रॉफी में एक ही सत्र में 700 से अधिक रन बनाए हैं, लेकिन दो सत्रों में यह कीर्तिमान केवल देवदत्त पडिक्कल ने ही बनाया है। पिछली बार उन्होंने 2020-21 सीजन में 7 पारियों में 737 रन बनाए थे।
700+ रन बनाने वाले क्रिकेटर
विभिन्न सत्रों में 700 से अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों में बड़े नाम जैसे मयंक अग्रवाल, पृथ्वी शॉ, नारायण जगदीशन और करुण नायर शामिल हैं। लेकिन दो अलग-अलग सत्रों में यह उपलब्धि हासिल करने में केवल देवदत्त पडिक्कल ने ही सफलता पाई है।
नए रिकॉर्ड के निकट
पडिक्कल एक और बड़े रिकॉर्ड के बहुत नजदीक हैं। नारायण जगदीशन ने एक सत्र में 830 रन बनाने का रिकॉर्ड स्थापित किया है। पडिक्कल अब इस रिकॉर्ड को तोड़ने की कगार पर हैं। टूर्नामेंट में उनके पास कुछ मैच बचे हैं और यदि उनका प्रदर्शन इसी प्रकार जारी रहा, तो वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन सकते हैं।
पडिक्कल का शानदार प्रदर्शन
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में, पडिक्कल का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। अब तक उन्होंने चार शतक और दो अर्धशतक बनाए हैं। उन्होंने टूर्नामेंट की शुरुआत झारखंड के खिलाफ 147 रन की प्रभावशाली पारी से की थी और इसके बाद केरल के विरुद्ध 124 रन बनाए थे। हालांकि तमिलनाडु के खिलाफ वह 22 रन पर आउट हुए, लेकिन उनका आत्मविश्वास प्रभावित नहीं हुआ। उन्होंने पुडुचेरी और त्रिपुरा के खिलाफ शतकीय पारियां खेलीं। राजस्थान के खिलाफ वह 91 रन बनाकर शतक से चूक गए, जबकि मध्य प्रदेश के खिलाफ 35 रन बनाए। क्वार्टर फाइनल में मुंबई के खिलाफ नाबाद 81 रन का प्रदर्शन कर उन्होंने इतिहास रच दिया।
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