उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा की

by TejaswitaTejaswita Mani
उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का किया ऐलान, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया किस बात से रहे वे हमेशा निराश | Usman Khawaja Announces International cricket Retirement Sydney Ashes Test Final Match racial stereotypes thing disappointed

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलियाई ओपनर उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने का निर्णय लिया है। यह घोषणा उन्होंने शुक्रवार को एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की, जहाँ उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे। ख्वाजा ने स्पष्ट किया कि सिडनी में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला पांचवां एशेज टेस्ट उनके करियर का अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच होगा।

पांच टेस्ट मैचों की इस एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया पहले से 3-1 से आगे है। ख्वाजा ने अपने रिटायरमेंट के फैसले की सूचना टीम के अन्य खिलाड़ियों को भी उसी दिन दे दी थी। रिटायरमेंट के साथ-साथ, उन्होंने अपने करियर में झेले गए नस्लीय भेदभाव और स्टीरियोटाइपिंग के मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें कल्पना से कहीं अधिक दिया है।

अपनी निजी टिप्पणियों पर ख्वाजा का बयान

खेल के माध्यम से उन्हें कई यादें, दोस्त और जीवन के महत्वपूर्ण सबक मिले हैं। उन्होंने अपने माता-पिता का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके बलिदान का उल्लेख नहीं होता, लेकिन उनके बिना यह सफर संभव नहीं था। एशेज सीरीज के दौरान उनके प्रशिक्षण और पीठ की समस्या को लेकर कई टिप्पणियाँ की गईं, जिनका उन्होंने ज़िक्र किया।

उनपर क्या आरोप लगाए गए?

ख्वाजा ने कहा कि उन पर यह आरोप भी लगाए गए कि वह टीम के प्रति प्रतिबद्ध नहीं हैं। उन्हें आलसी और स्वार्थी भी कहा गया। उन्होंने इन टिप्पणियों को नस्लीय स्टीरियोटाइप बताते हुए कहा कि ऐसा ही उनके साथ जीवनभर होता रहा है। ख्वाजा ने कहा कि उन्हें सबसे अधिक निराशा इस बात की है कि उन्हें लगा था कि खेल इस सोच से आगे बढ़ चुका है, परंतु आज भी उन्हें हर दिन इसका सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निराशा उन्हें जीवनभर सताएगी।

उस्मान ख्वाजा का डेब्यू

उस्मान ख्वाजा ने साल 2011 में ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट क्रिकेट टीम में कदम रखा था। इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी टेस्ट उनका 88वां टेस्ट मैच होगा। वह ऑस्ट्रेलिया की 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की विजेता टीम का भी हिस्सा रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट के साथ-साथ, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 49 वनडे मैच भी खेले हैं।

ख्वाजा ने खेल के मैदान के बाहर भी एक मजबूत पहचान बनाई है। वह ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते हुए पहले पाकिस्तान में जन्मे क्रिकेटर हैं, और इसके साथ ही वह देश के पहले मुस्लिम क्रिकेटर भी हैं। उनके योगदान को क्रिकेट जगत में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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