लखनऊ के वजीर हसन रोड स्थित अलाया अपार्टमेंट मंगलवार शाम अचानक भरभराकर गिर गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस व राहत टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि इसमें करीब 30 से 40 लोग दबे हो सकते हैं।
हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। बचाव दल द्वारा मलबे से बाहर निकाले गए दो लोगों ने सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इमारत गिरने की दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमों को मौके पर जाकर राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए।
आसपास के लोगों के मुताबिक, बेसमेंट ड्रिल मशीन से खुदाई चल रही थी। इसी दौरान एक सिलिंडर भी फटा, फिर पूरी बिल्डिंग बेसमेंट मे सीधे बैठ गई। आलिया अपार्टमेंट याजदान बिल्डर ने बनाया था। यहां संकरे रास्ते होने के कारण एम्बुलेंस व फायर की गाड़ियों को जाने में दिक्कत हो रही है। बचाव दल ने कई लोगों को सुरक्षित निकाला।
इन्हें सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया। बताया जा रहा है कि यह इमारत 15 साल पहले बनी थी। मौके पर पुलिस कमिश्नर एस. बी. शिरडकर पहुंच चुके हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मौके पर एसडीआरएफ व एनजीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है।
डेढ़ घंटे बाद शुरू हुआ रेस्क्यू
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत में कोई रिपेयर वर्क चल रहा था। ड्रिलिंग की आवाज आ रही थी। तभी बिल्डिंग गिरी। लोगों के मुताबिक, बेसमेंट सहित पांच मंजिला बिल्डिंग पूरी तरह ढह गई। स्थानीय निवासी राम कुमार माली ने बताया कि करीब 6:30 बजे अचानक तेज धमाके के साथ बिल्डिंग गिर गई। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद रेस्क्यू शुरू हुआ।
इमारत में रहते थे 30-35 परिवार
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जानकारी दी कि फिलहाल सात लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया है। ये सभी बेहोश थे। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। लोग कह रहे हैं कि इमारत में 30-35 परिवार रह रहे थे।
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