जामताड़ा में साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी

साइबर अपराध के लिए कुख्यात माने जाने वाले जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर से प्रभावी कार्रवाई की है। करमाटांड़ थाना क्षेत्र के तेतुलबंधा गांव में पलाश और पुटूश की झाड़ियों के पीछे छिपे तीन आरोपियों को पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा है, जो कि देशभर के लोगों को ठगने में लगे थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड भी बरामद किए हैं।

घेराबंदी और गिरफ्तारी की प्रक्रिया

जामताड़ा के एसपी शंभु कुमार सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि करमाटांड़ के तेतुलबंधा गांव के पास स्थित सुनसान झाड़ियों में कुछ अपराधी सक्रिय हैं। सूचना के आधार पर, साइबर अपराध थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झाड़ियों के पीछे से तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।

आरोपियों की पहचान और पूर्व आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी जामताड़ा जिले के करमाटांड़ थाना क्षेत्र के धरूवाडीह गांव के निवासी हैं। इनमें महेन्द्र कुमार मंडल (28 वर्ष), टिंकू कुमार मंडल (26 वर्ष) और विकास कुमार मंडल (24 वर्ष) शामिल हैं। मुख्य आरोपी महेन्द्र का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी जामताड़ा साइबर अपराध थाना के एक मामले में चार्जशीटेड है।

ठगी का तरीका और तकनीक

पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि ये आरोपी बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड संबंधी झांसे देकर ठगते थे। इसके अलावा, ये गूगल पर विभिन्न बैंकों के फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर लोगों को फंसाते थे। ठगी के शिकार लोगों के मोबाइल में खतरनाक APK फाइल डाउनलोड करवा कर, ये उनकी क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी चुरा लेते थे।

कानूनी कार्रवाई और जेल भेजे जाने की जानकारी

इस मामले में जामताड़ा साइबर अपराध थाना में नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। एसपी ने बताया कि जामताड़ा पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और इस वर्ष अब तक 75 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है।