झारखंड में प्रतियोगी परीक्षा की पारदर्शिता के लिए विशेष अदालत का गठन

झारखंड सरकार और न्यायपालिका ने प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाए हैं। राज्य में पेपर लीक, नकल और परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग से जुड़े मामलों की सुनवाई अब रांची सिविल कोर्ट में स्थापित विशेष अदालत द्वारा की जाएगी। यह व्यवस्था केवल रांची तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य के सभी जिलों में दर्ज मामलों को भी इसी अदालत में लाया जाएगा।

कंप्यूटर आधारित परीक्षा की सुरक्षा उपाय

हाल ही में, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने 27 जून से शुरू हुई कंप्यूटर आधारित परीक्षा में लगभग 25,000 अभ्यर्थियों को शामिल किया। परीक्षा की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए कंप्यूटर में विशेष चिप्स का उपयोग किया गया था, जो किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या बाहरी हस्तक्षेप का पता लगाने में मदद करती हैं। जांच के दौरान, 2,800 अभ्यर्थियों के कंप्यूटर में बाहरी प्रभाव के संकेत पाए गए, जिससे परीक्षा की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं।