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जिम्बाब्वे की टीम को लौटने में मुश्किलें
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 में अपने अभियान का अंत कर चुकी जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम अब एक नई चुनौती का सामना कर रही है। सुपर-8 चरण में जगह नहीं बना पाने के बाद, जिम्बाब्वे का सफर रविवार, 1 मार्च को नई दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए अंतिम मैच से समाप्त हो गया। लेकिन, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण उनकी स्वदेश वापसी की योजना में अनिश्चितता आ गई है, जिससे स्थिति और जटिल बन गई है।
दुबई हवाई अड्डे का बंद होना
जिम्बाब्वे टीम, जिसमें सिकंदर रजा और अन्य खिलाड़ी शामिल हैं, की योजना सोमवार सुबह दिल्ली से रवाना होने की थी। उनका लक्ष्य दुबई के माध्यम से हरारे पहुंचना था। लेकिन अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के चलते, पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में हवाई क्षेत्र पर असर पड़ा है, जिसके कारण दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इस स्थिति के चलते, जिम्बाब्वे टीम की यात्रा योजना को स्थगित कर दिया गया है।
कोच का बयान
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद, जिम्बाब्वे के मुख्य कोच जस्टिन सैमन्स ने बताया कि खिलाड़ियों के लिए मौजूदा हालात को नजरअंदाज करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि वापसी की चिंता खिलाड़ियों के मन में जरूर थी, लेकिन मैच के दौरान सभी का ध्यान खेल पर ही केंद्रित रहा। सैमन्स के अनुसार, जब तक मैच शुरू हुआ, तब तक टीम को कोई नया अपडेट नहीं मिला और पूरे खेल के दौरान फोकस खेल पर रहा। अब टीम प्रबंधन आईसीसी से आगामी निर्देशों का इंतजार कर रहा है।
व्यक्तिगत यात्रा योजनाएँ प्रभावित
इसके अलावा, टीम के हरफनमौला खिलाड़ी ग्रीम क्रीमर जो दुबई में रहते हैं, की यात्रा योजनाएँ भी प्रभावित हुई हैं। दुबई की कनेक्टिंग फ्लाइट रद्द होने से खिलाड़ियों और स्टाफ को वैकल्पिक मार्ग का पता लगाना पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, अदीस अबाबा के माध्यम से इथियोपियन एयरलाइंस से स्वदेश लौटना एक विकल्प हो सकता है।
आईसीसी का समाधान
आईसीसी ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि भारत और श्रीलंका में चल रहे टूर्नामेंट से लौट रहे खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। बोर्ड और टीम प्रबंधन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
दक्षिण अफ्रीका की स्थिति
वहीं, दक्षिण अफ्रीका की टीम अभी भी टूर्नामेंट में बनी हुई है और उसे चार मार्च को कोलकाता में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल खेलना है। दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच शुक्री कॉनराड ने भी स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया की स्थिति खिलाड़ियों के बीच चर्चा का विषय रही है, लेकिन टीम ने आगामी मुकाबले पर ध्यान केंद्रित रखा है।
जिम्बाब्वे की वापसी की राह
जिम्बाब्वे का विश्व कप अभियान भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन उनकी स्वदेश वापसी अब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर निर्भर कर रही है। खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ अब स्पष्ट निर्देशों और सुरक्षित यात्रा व्यवस्थाओं का इंतजार कर रहे हैं।
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