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एक नज़र में पूरी खबर
- उपराष्ट्रपति का यह दौरा उनके उपराष्ट्रपति बनने के बाद पहला उलिहातू दौरा है, जो प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है।
- जिला प्रशासन उपराष्ट्रपति के आगमन के लिए पूरी तरह सतर्क है, जिसमें अस्थायी हेलीपैड और सुरक्षा व्यवस्थाओं की तैयारी शामिल है।
- स्थानीय लोगों में उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर विशेष उत्साह है, इसे बिरसा मुंडा की जन्मस्थली पर गर्व की बात माना जा रहा है।
उपराष्ट्रपति का विशेष दौरा
उपराष्ट्रपति का यह दौरा विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह उनके उपराष्ट्रपति बनने के बाद पहला उलिहातू दौरा होगा। इससे पहले, वे झारखंड के राज्यपाल के रूप में भी इस क्षेत्र में आ चुके हैं, जिससे इस दौरे को प्रतीकात्मक रूप से और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन की तैयारियाँ
उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उलिहातू के कंट्रापीढ़ी क्षेत्र और खूंटी में अस्थायी हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा, सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
हेलीपैड का इतिहास
यह ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान भी इसी क्षेत्र में अस्थायी हेलीपैड बनाए गए थे। इस बार भी उसी तर्ज पर तेजी से तैयारियाँ चल रही हैं, ताकि कार्यक्रम में किसी प्रकार की बाधा न आए।
स्थल निरीक्षण
अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए बताया कि उलिहातू में उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम लगभग एक घंटे का निर्धारित है। बुधवार को एसडीओ दीपेश कुमारी, डीएसपी वरुण रजक और खूंटी थाना पुलिस ने हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया।
सुरक्षा व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि दौरा पूरी तरह से सुरक्षित, व्यवस्थित और गरिमामय तरीके से संपन्न हो।
स्थानीय लोगों का उत्साह
उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। बिरसा मुंडा की जन्मस्थली पर देश के उपराष्ट्रपति का आना इस क्षेत्र के लिए गर्व की बात मानी जा रही है।
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