दिग्गज समाजवादी नेता शरद यादव का गुरुवार देर रात निधन हो गया. वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे. तबीयत बिगड़ने पर गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उन्हें देर रात भर्ती कराया गया. बेटी सुभाषिनी द्वारा इस बात की जानकारी दी गई. शरद यादव का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है. जदयू के पूर्व अध्यक्ष रहे स्व यादव दबे कुचले की आवाज माने जाते थे. श्री यादव 3 राज्यों से चुनकर लोकसभा जाने वाले बड़े नेता थे. अपने शुरूआती जीवन में वह जदयू पार्टी से जुड़े और बाद में जदयू के अध्यक्ष के तौर पर भीकमान संभाला. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के समय में केंद्रीय मंत्री भी रहे. बिहार की राजनीति में शरद यादव का नाम बड़े नेताओं की लिस्ट में सबसे ऊपर माना जाता है. लालू यादव और नीतीश कुमार के समय शरद यादव भी राजनीति में काफी बड़ा थे. जदयू से अलग होने के बाद उन्होंने लोकतांत्रिक जनता दल नाम से एक पार्टी बनाई थी जिसका बाद में राष्ट्रीय जनता दल में विलय हो गया था. इधर राजनीतिक गलियारों में बीजेपी के सहित सभी पार्टी के नेताओं नेगहरा दुख जताया है. मालूम हो की 1947 में जन्मे स्व यादव 75 व र्ष के थे.
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