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बीजेपी की पूर्व बयानबाजी और अकाली दल से दूरी
चंडीगढ़। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने हाल ही में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बिना शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सहयोग के पंजाब में सत्ता में आ सकती है। यह बयान उन्होंने कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या बीजेपी फिर से SAD के साथ गठबंधन कर सकती है, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से यह कहा कि इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। बिट्टू ने यह भी बताया कि अकाली दल के भीतर कई अलग-अलग गुट हैं।
बिट्टू का अकाली दल पर हमला
बिट्टू ने SAD पर आरोप लगाया कि उनके शासनकाल के दौरान ड्रग्स और गैंगस्टरवाद आम थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे गठबंधन की आवश्यकता है। उनकी बातों पर AAP नेता बलतेज पन्नू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिट्टू ने गंभीर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बादल (SAD) के साथ गठबंधन करने का मतलब पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टरवाद की वापसी को स्वीकार करना होगा।
बीजेपी का प्रदर्शन
पंजाब बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता हाल ही में पार्टी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। बीजेपी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के निवास का घेराव करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़, मनोरंजन कालिया सहित कई नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया। जाखड़ ने AAP सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में पंजाब में आम आदमी की सुरक्षा नहीं है और “गैंगस्टर राज” का कायम रहना चिंता का विषय है।
चुनाव की तैयारी
अक्टूबर 2025 में बिट्टू ने घोषणा की थी कि बीजेपी राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उल्लेखनीय है कि SAD ने 2020 में कृषि कानूनों के विरोध में NDA का साथ छोड़ दिया था, जिसके बाद से दोनों पार्टियों के बीच पुनः गठबंधन की संभावना पर चर्चा हो रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दल फिर से एकजुट हो सकते हैं।
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