उदित नारायण की पूर्व पत्नी ने आरोप लगाया, शादी में धोखा और गर्भाशय निकाले जाने की साजिश

by VidyaVidya
उदित नारायण की पहली पत्नी ने लगाया गंभीर आरोप, शादी के दिया धोखा और साजिश के तहत निकलवा दिया गर्भाशय

उदित नारायण पर गंभीर आरोप: पहली पत्नी ने महिला थाना में दर्ज कराई शिकायत

डेस्क: जाने-माने गायक उदित नारायण एक बार फिर विवादों में हैं। उनकी पहली पत्नी रंजना नारायण ने सुपौल स्थित महिला थाने में एक आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने उदित नारायण, उनके दो भाइयों और दूसरी पत्नी पर गंभीर आपराधिक आरोप लगाए हैं। रंजना ने अपने अधिवक्ता करुणाकांत झा के साथ महिला थाना का दौरा किया और आरोप लगाया कि उनके साथ आपराधिक षड्यंत्र किया गया, जिसके अंतर्गत उनका गर्भाशय निकाला गया। यह जानकारी उन्हें कई वर्षों बाद चिकित्सा उपचार के दौरान मिली।

शादी के बाद हुए धोखे का मामला

इस मामले को विवाह के बाद धोखे और चिकित्सकीय अनियमितताओं के साथ साथ वर्षों तक मानसिक व सामाजिक प्रताड़ना से जोड़ा गया है। आवेदन में रंजना ने उल्लेख किया कि उनकी शादी उदित नारायण के साथ 7 दिसंबर 1984 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद 1985 में उदित मुंबई चले गए थे, जहां उन्हें पता चला कि उनके पति ने दीपा नामक महिला से विवाह कर लिया है।

दिल्ली में कथित ऑपरेशन का आरोप

पीड़िता ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस विषय में अपने पति से बात की, तो उन्हें लंबे समय तक गुमराह किया गया। आवेदन में अनियमितता का आरोप लगाया गया है कि 1996 में उन्हें दिल्ली ले जाकर, बिना उनकी सहमति के, उनका गर्भाशय निकाल दिया गया। इसमें उदित नारायण और उनके भाई संजय तथा ललित नारायण की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। रंजना का कहना है कि इस ऑपरेशन की सच्चाई उन्हें 2025 में इलाज के दौरान पता चली। इस दौरान दीपा नारायण नाम की महिला भी वहां मौजूद थी, जिसका उदित के साथ अवैध संबंध बताया गया है।

दांपत्य जीवन और न्याय की मांग

उदित नारायण के साथ इस संबंध से एक पुत्र आदित्य का भी जन्म हुआ है, जिसके बारे में रंजना का कहना है कि यह पूरा मामला आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें वर्षों तक दांपत्य जीवन से दूर रखा गया। जब वह 2006 में मुंबई गईं, तो उन्हें उदित और दीपा द्वारा गालियां देकर घर में प्रवेश करने से रोका गया, जिसके बाद उन्हें अपने गांव लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने महिला थाना अध्यक्ष से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और सभी आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। महिला थानाध्यक्ष अंजू तिवारी ने बताया कि आवेदन प्राप्त कर लिया गया है और मामले की जांच की जाएगी।

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