उद्धव ठाकरे का दावा: बीएमसी में राजनीतिक उथल-पुथल संभव है

by Ananya Singh
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बीएमसी चुनाव में बीजेपी और शिंदे गुट की जीत, उद्धव ठाकरे के लिए झटका

मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और एकनाथ शिंदे गुट की शानदार जीत ने उद्धव ठाकरे को एक महत्वपूर्ण झटका दिया है। हालाँकि, उद्धव ठाकरे हार मानने को तैयार नहीं हैं और उनका दावा है कि मेयर पद पर उनका Führung है। उनके इस बयान के बाद, शिंदे गुट के पार्षदों को सुरक्षा के उद्देश्य से रिजॉर्ट में भेजा गया है। बीएमसी की 89 सीटों पर बीजेपी ने पूर्ण रूप से वर्चस्व स्थापित किया है, जिसके कारण मेयर पद पर बीजेपी के कब्जा की संभावना बढ़ गई है। उद्धव ठाकरे के दावों ने राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी है।

शिवसेना का बंटवारा और चुनाव परिणाम

पिछले दो दशकों से बीएमसी में अविभाजित शिवसेना का राज था। लेकिन हाल ही में शिवसेना के दो गुटों में बंटवारे ने राजनीतिक समीकरण को बदल दिया। इस बार के चुनाव में, उद्धव गुट ने 65 सीटें प्राप्त कीं, जबकि शिंदे गुट को 29 सीटें मिलीं। दोनों गुटों की कुल सीटों का योग 94 है, जबकि बीजेपी ने 89 सीटें जीती हैं। यदि शिवसेना बंटी नहीं होती, तो बीजेपी की स्थिति कमजोर रहती।

शिवसेना के नेताओं के विचार

शिवसेना (UBT) के नेता सुनील प्रभु ने कहा है कि शिवसेना के विभाजन के चलते ही बीजेपी को सफलता मिली है। पूर्व कांग्रेस नेता संजय झा ने भी इस बात को दोहराया कि अगर शिवसेना एकजुट होती, तो बीजेपी को बीएमसी में जीतना मुश्किल होता। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि दोनों गुट एक साथ आ जाएँ, तो बीजेपी को विपक्ष में बैठाना संभव है।

चुनाव में सीटों का वितरण और संभावनाएँ

उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी का मेयर बनने की संभावना आज भी बनी हुई है। इसके तुरंत बाद, शिंदे gपार्षदों को रिजॉर्ट में भेज दिया गया। बीजेपी और शिंदे गुट की कुल सीटें मिलकर 118 हैं, जबकि 227 सीटों वाली इस महानगरपालिका में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता है। इस चुनाव में अजित पवार ने अकेले चुनाव लड़ा और तीन सीटें जीतीं। यदि उनका समर्थन मिल जाता है, तो यह संख्या 121 हो जाएगी।

ठाकरे परिवार का संयुक्त प्रयास और परिणाम

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के संयुक्त प्रयासों के बावजूद उनकी कुल सीटें 71 रही हैं। इसके अलावा, एक सीट एनसीपी (शरद पवार) ने जीती है। अगर कांग्रेस उनके साथ आ जाती है तो कुल 24 और सीटें जुड़ जाएंगी। यदि अन्य दलों जैसे AIMIM और समाजवादी पार्टी का भी साथ मिलता है, तो कुल सीटों की संख्या 106 हो जाएगी। बहुमत के लिए केवल 8 सीटों की कमी रह जाएगी।

इस चुनाव के परिणाम ठाकरे परिवार के लिए एक प्रमुख चुनौती साबित हुए हैं, भले ही उद्धव ठाकरे की पार्टी सीटों के मामले में शिंदे गुट से थोड़ी आगे है। उद्धव ठाकरे ने 65 सीटों पर जीत हासिल की है, जिससे वह बीएमसी में मजबूती से विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तत्पर हैं।

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