रेफरल अस्पताल मझिगांव के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉ. सेठ के आवेदन पर कार्रवाई
गढ़वा। मझिगांव रेफरल अस्पताल में नवजात के शव को कचरे के ढेर में जलाने की आरोपी 2 नर्सों और दाई को आज जेल भेज दिया गया। रेफरल अस्पताल (मझिगांव) के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉ. गोविंद सेठ के आवेदन पर ए ग्रेड नर्स निर्मला कुमारी, एएनएम मंजू कुमारी और दाई दौलतिया देवी के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया था। ज्ञात हो कि पलामू की 22 वर्षीय मधु देवी ने 10 जून को मृत बच्चे को जन्म दिया था। आरोप है कि जब परिजन नवजात के दाह संस्कार के लिए कफन और पूजा का सामान लाने बाजार गई। तभी पीछे से नर्सों और दाई ने शव को अस्पताल परिसर में ही जलते कचरे के ढेर में फेंक दिया। परिजनों ने हंगामा करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक पलामू के लहलहे रजहरा गांव के रहने वाले मंदीप विश्वकर्मा की 22 वर्षीय पत्नी मधु देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 10 जून को मझिगांव रेफरल अस्पताल के प्रसूता वार्ड में भर्ती कराया गया था। मधु की हालत नाजुक थी इसलिए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मदन तनान ने उसे सदर अस्पताल रेफर किया था। आरोप है कि मधु को सदर अस्पताल ना भेजकर ड्यूटी में तैनात ए ग्रेड नर्स निर्मला कुमारी, एएनएम मंजू देवी और दाई दौलतिया देवी ने डॉक्टर की सलाह लिए बिना मधु का प्रसव कराया। मधु ने मृत बच्चे को जन्म दिया। आरोप है कि नर्सों और दाई ने मृत बच्चे को परिवार को ना सौंपकर कचरे के ढेर में डालकर जला दिया। मृत नवजात के शव को जलाने के मामले में तीनों की लापरवाही और संलिप्तता पाए जाने के तत्काल उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले में एसपी अंजनी कुमार झा के निर्देश पर एसडीपीओ (गढ़वा) के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में पुलिस निरीक्षक राजीव कुमार, थाना प्रभारी कमलेश कुमार महतो, एसआई विकास कुमार, सहायक अवर निरीक्षक चंद्रशेखर आजाद के अलावा सशस्त्र बल के महिला और पुरुष जवान शामिल थे। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आज जेल भेज दिया गया है।
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