TSPC का सब-जोनल कमांडर आदिल अंसारी हिरासत में, लंबे समय से था फरार।

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📌 गांडीव लाइव डेस्क:

रांची: प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति समिति (TSPC) के सब जोनल कमांडर आदिल जफर, जिसे आदिल अंसारी और बबलु अंसारी के नाम से भी जाना जाता है, को पुलिस ने लोहरदगा से गिरफ्तार किया है। वह लंबे समय से वांछित था और विभिन्न उग्रवादी गतिविधियों, रंगदारी वसूली और गोलीबारी में शामिल रहा है।

आदिल की गिरफ्तारी की जानकारी

रांची के एसएसपी राकेश रंजन को 26 फरवरी को सूचना मिली थी कि आदिल अंसारी लोहरदगा के ईदगाह मोहल्ले के एक किराए के मकान में छिपा हुआ है। इस सूचना के आधार पर टीम का गठन किया गया, जिसमें खलारी डीएसपी की अगुवाई में खलारी और मैक्लुस्कीगंज थाना की पुलिस के जवानों को शामिल किया गया।

पुलिस की छापेमारी के दौरान भागने की कोशिश

जब छापेमारी दल ने मकान को घेरा, तब आदिल अंसारी ने पहली मंजिल से कूदकर भागने की कोशिश की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे तुरंत सदर अस्पताल लोहरदगा पहुँचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे रांची के रिम्स में रेफर किया गया। वह फिलहाल वहां इलाज करा रहा है।

रंगदारी का संगठित नेटवर्क

पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आदिल अंसारी पहले TSPC के कमांडर संजय उरांव उर्फ ऋषिकेश के साथ मिलकर काम करता था। उसने खलारी, पिपरवार, मैक्लुस्कीगंज और बुढ़मू में व्यवसायियों को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से धमकाकर लेवी वसूली की।

अगर व्यवसायियों ने लेवी नहीं दी, तो उन्हें गोलीबारी और अपहरण जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा।

  • 8 दिसंबर 2024 को एक सड़क निर्माण कंपनी के साइट इंजीनियर को जान से मारने की धमकी दी गई।
  • 26 दिसंबर 2024 को एक कांके निवासी से व्हाट्सएप पर लेवी मांगी गई।
  • 20 फरवरी 2025 को मंगरदाहा निवासी आशिक अली का अपहरण कर अनहोनी की गई।
  • 10 फरवरी 2025 को चुरी गेट के पास मंगु होटल के सामने गोलीबारी की गई जिससे वहां दहशत फैल गई।
  • दिसंबर 2025 में एक जमीन कारोबारी को व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकी दी गई।

18 दिसंबर 2025 को मैक्लुस्कीगंज के क्षेत्र में आदिल के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था, जब वे लेवी वसूलने पहुंचे थे। हालांकि, उस समय आदिल मौके से फरार हो गया था।

बरामदगी के तथ्य

गिरफ्तारी के समय आदिल के पास से तीन की-पैड मोबाइल, एक स्मार्टफोन, दो राउटर और TSPC के चार पर्चे बरामद किए गए हैं। पुलिस इन उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि संगठन के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

कई मामलों में शामिल

आदिल अंसारी के खिलाफ पिपरवार, कांके, मैक्लुस्कीगंज और खलारी थानों में रंगदारी, धमकी, अपहरण और फायरिंग से संबंधित कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

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