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अमेरिका और इजरायल की ईरान पर सैन्य कार्रवाई
नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी जनता से आह्वान किया कि वे अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथ में लें और 1979 से शासन कर रहे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करें। राष्ट्रपति ने पहले भी वैश्विक स्तर पर आठ युद्धों को रोकने का दावा किया था, लेकिन इसी बीच उन्होंने कुछ देशों में सैन्य कार्रवाई के आदेश भी दिए हैं।
अमेरिका की सैन्य गतिविधियाँ
मार्च 2025 में अमेरिका ने इराक के अल-अनबार प्रांत में ISIL के कमांडर को मार गिराया। इसी तरह, दिसंबर 2025 में सीरिया में ISIL के ठिकानों पर जवाबी हमले किए गए। मार्च से मई 2025 तक यमन में हूती विद्रोही समूह पर हवाई और समुद्री हमले किए गए। इसके अलावा, सोमालिया में हवाई हमलों में वृद्धि की गई और नाइजीरिया में अमेरिकी सैन्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने का कार्य जारी रहा।
लैटिन अमेरिका में संभावित खतरे
लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में अमेरिकी एयर स्ट्राइक के कारण संदिग्ध नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले जहाजों पर कम से कम 45 हमले किए गए, जिसमें 151 लोगों की मौत होने की खबर है। इसके तहत वेनेजुएला में राष्ट्रपति Nicolás Maduro को पकड़ने के लिए कोशिशें भी की गईं।
ईरान पर हमले का उद्देश्य
ईरान पर यह हमला उस समय किया गया है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ चुका है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना है। देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और आंतरिक असंतोष के बीच अमेरिका ने अपने सैन्य हितों को काफी मजबूत कर लिया है।
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