जम्मू-कश्मीर में मिला अरबों का खजाना

by Aaditya HridayAaditya Hriday
Published: Updated:

देश के अलग-अलग राज्यों में गोल्ड और लिथियम समेत अन्य खनिजों का भंडार मिला है. इनमें सबसे बड़ा भंडार जम्मू-कश्मीर के रियासी में मिला है, जो कि लिथियम का है. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) ने 51 ब्लॉकों को राज्य सरकारों और कोयला मंत्रालय को सौंप दिया है.

देश के 11 राज्यों में गोल्ड, लिथियम समेत अन्य खनिजों का भंडार मिला है. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) ने 51 ब्लॉकों को राज्य सरकारों और कोयला मंत्रालय को सौंप दिया है. जम्मू-कश्मीर के रियासी में मिले लिथियम के इतने बड़े भंडार की यह पहली साइट है, जिसकी GSI ने पहचान की है.

Screenshot 2023 02 10 160747

माइंस मंत्रालय के सचिव और CGPB चेयरमैन विवेक भारद्वाज ने बताया मंत्रालय की ओर से 2015 से अबतक राज्य सरकारों को 287 भूगर्भीय दस्तावेज सौंपे गए हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि जीएसआई इस गति को बढ़ाएगी. वहीं बीती 9 फरवरी को GSI ने लिथियम और गोल्ड के अलावा 7897 मिलियन टन के संसाधन वाले कोयला और लिग्नाइट की 17 रिपोर्टें भी कोयला मंत्रालय को सौंपी हैं.

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने पहली बार जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के सलाल-हैमाना क्षेत्र में 5.9 मिलियन टन के लिथियम अनुमानित संसाधन स्थापित किए हैं. लिथियम का उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल कैमरा और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रिचार्बेल बैट्री में किया जाता है. इसके अलावा इसका उपयोग खिलौनों और घड़ियों के लिए भी किया जाता है. इस समय भारत लिथियम के लिए पूरी तरह दूसरे देशों पर निर्भर है.

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!

Your Opinion on this News...

You may also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More