पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल: TMC का स्टिंग ऑपरेशन का दावा
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने हुमायूं कबीर से संबंधित एक कथित स्टिंग ऑपरेशन वीडियो का खुलासा किया है। पार्टी का आरोप है कि इस वीडियो में कबीर और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रमुख नेताओं के बीच करोड़ों रुपये के लेन-देन की चर्चा की गई है। TMC ने इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
स्टिंग वीडियो में क्या है?
TMC के अनुसार, जारी किए गए वीडियो में हुमायूं कबीर 1000 करोड़ रुपये के एक सौदे का जिक्र कर रहे हैं, जिसमें 300 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि देने का भी उल्लेख किया गया है। इस वीडियो को लेकर पार्टी ने गंभीरता से संज्ञान लिया है और इसके प्रभाव को देखते हुए जांच की आवश्यकता जताई है।
बीजेपी नेताओं के नाम का जिक्र
TMC का आरोप है कि इस कथित सौदे में कई प्रमुख बीजेपी नेताओं के नाम शामिल हैं। इनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी और प्रधानमंत्री कार्यालय का भी उल्लेख किया गया है।
TMC की प्रेस कॉन्फ्रेंस
इस संदर्भ में TMC के नेताओं फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और कुणाल घोष ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने इसे एक ‘बड़ा खुलासा’ बताते हुए कहा कि यह वीडियो गंभीर राजनीतिक साजिश का संकेत देता है।
ED जांच की मांग
TMC ने इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि ऐसे गंभीर वित्तीय आरोपों की निष्पक्ष जांच करना आवश्यक है।
हुमायूं कबीर का जवाब
TMC के आरोपों पर हुमायूं कबीर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह स्टिंग ऑपरेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाया गया है और यह सब कुछ TMC के इशारे पर हुआ है। वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि कबीर किसके लिए काम कर रहे हैं और उनके पास इतना धन कहां से आया? यह सवाल लोगों को सोचने पर मजबूर करेगा।
चुनाव से पहले सियासी तनाव
TMC ने इस घटनाक्रम को पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी एक साजिश करार दिया है। पार्टी का कहना है कि यह एक बड़ा राजनीतिक खेल है, जिससे राज्य की राजनीति में तनाव और आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

