जमशेदपुर में कैरव गांधी अपहरण मामले के अपराधियों से पुलिस की मुठभेड़, तीन घायल।

by PragyaPragya
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📌 गांडीव लाइव डेस्क:

जमशेदपुर में कैरव गांधी अपहरण मामले के संदर्भ में पुलिस मुठभेड़ में तीन अपराधी घायल

जमशेदपुर, 30 जनवरी – शहर में एक बार फिर हलचल मच गई है। कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े तीन संदिग्ध अपराधियों के साथ गुरुवार रात को पुलिस की एक गंभीर मुठभेड़ हुई, जिसमें सभी तीन बदमाश घायल हो गए।

मुठभेड़ का विवरण

यह घटना बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सोनारी साईं मंदिर के निकट रात लगभग 2:30 से 3 बजे के बीच घटित हुई। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने संदिग्धों गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा को पूछताछ के लिए वहां लाया था, ताकि वे अपने पास छिपाए गए हथियार बरामद कर सकें।

स्थिति नियंत्रित करना

पुलिस को जानकारी मिली थी कि अपहरण के बाद इन आरोपियों ने अपने हथियार मंदिर के निकट छिपा दिए थे। जब पुलिस वहां पहुँची, एक अपराधी ने बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे के बॉडीगार्ड से कारबाइन छीन ली और पुलिस पर फायरिंग कर दी। इस दौरान थाना प्रभारी किसी तरह से बाल-बाल बच गए।

पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीनों अपराधियों के पैरों में गोली लगी। घायलों को तुरंत एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच उनका इलाज चल रहा है।

बरामदगी और गिरफ्तारी

पुलिस ने मौके से कई हथियार, जैसे पिस्तौल, कारतूस और अन्य सामग्री बरामद किए हैं। सिटी एसपी कुमार शिवाजी ने बताया कि यह कार्रवाई पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर की गई है। तीनों आरोपी बिहार के गया और नालंदा के निवासी हैं और अपहरण के अतिरिक्त कई गंभीर अपराधों में भी शामिल रहे हैं।

अपहरण कांड की पृष्ठभूमि

कैरव गांधी, जो एक युवा उद्योगपति देवांग गांधी के 24 वर्षीय पुत्र हैं, का अपहरण 13 जनवरी 2026 को किया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उनसे 5 करोड़ रुपये से अधिक की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की और कई जांच दलों ने अपहरण के मामले की छानबीन की। अंततः, कैरव को 27 जनवरी को हजारीबाग के चौपारण-बरही इलाके से सुरक्षित बरामद किया गया।

अब तक पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें सिंह साहब गिरोह के सदस्य भी शामिल हैं। मुठभेड़ के बाद, शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया है। झारखंड के डीजीपी तादाशा मिश्रा शुक्रवार को पूरे मामले की आधिकारिक ब्रीफिंग दे सकती हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और अन्य अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

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