नियोजन नीति रद्द करने के खिलाफ हजारों विद्यार्थी सड़कों पर उतर

by Aaditya HridayAaditya Hriday

हजारीबाग। झारखंड में नियोजन नीति रद्द करने के खिलाफ हजारों विद्यार्थी आज सड़कों पर उतर गये। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खिलाफ नारेबाजी किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ नाइंसाफी हो रही है। उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हजारों की संख्या में जुटे युवा संत कोलंबा कॉलेज के निकट से जुलूस की शक्ल में निकले। युवाओं का हुजूम विभिन्न चौक-चौराहों से गुजरता गया। जुलूस में शामिल युवा सरकार के विरोध में नारेबाजी करते चल रहे थे। विरोध मार्च में सिर्फ हजारीबाग ही नहीं, बल्कि इसके आसपास के इलाकों से भी हजारों की संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। इसमें छात्राएं भी भारी संख्या में शामिल हुई। छात्राओं का कहना था कि उन लोगों के साथ भी सरकार ने भद्दा मजाक किया है। जब जब छात्र आंदोलन हुआ है, तब तब सिंहासन डोला है। सरकार ने उनलोगों के लिए नियोजन नीति देकर लॉलीपॉप थमा दिया और हाईकोर्ट ने नियोजन नीति रद्द कर दिया। इससे लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। हाईकोर्ट की ओर से इस नियुक्ति नियमावली को रद्द किए जाने के बाद एक बार फिर झारखंड में सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर जेएसएससी से होने वाली नियुक्ति पर ग्रहण लग गया है।
सरकार की नौकरियां बंद हो जायेगी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि नियोजन नीति रद्द करने से सरकार की तरफ से निकाली जाने वाली नौकरियां भी बंद हो जाएंगी। वहीं जो छात्र अब नई नौकरी ज्वाइन करने वाले हैं या फिर परीक्षा देखकर उत्तीर्ण हुए हैं। वैसे छात्रों के लिए भी नियोजन नीति को रद्द करने से उनका भविष्य अधर में चला जाएगा।

15 दिनों में सरकार करे विचार नहीं तो तेज आंदोलन
इसी को देखते हुए नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और छात्रों ने हजारीबाग के अलग-अलग हिस्सों में विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि सरकार अगर 15 दिनों में नियोजन नीति में संशोधन लाकर युवाओं के लिए कुछ विचार नहीं करती है। तो आने वाले समय में छात्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे।

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