भारतीय सेना में जाना चाहता था यह अभिनेता, असफलता के बाद मिला फिल्मों में खतरनाक विलेन का किरदार

by PragyaPragya
आर्मी में जाना चाहता था यह एक्टर, दो बार फेल हुआ तो बन गया फिल्मों का सबसे खतरनाक विलेन, पहचाना? | Jaideep Ahlawat Birthday Special Actor Wanted to Join Indian Army Became Powerful Villain

मुंबई: बॉलीवुड में कई ऐसे अभिनेताओं का नाम है, जो कभी फिल्मों में आने के इच्छुक नहीं थे, उनमें से एक जयदीप अहलावत हैं। जयदीप का सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना था। वह अपने आप को फिल्मी हीरो नहीं, बल्कि असली जिंदगी के नायक के रूप में देखना चाहते थे। लेकिन उनकी किस्मत ने कुछ और ही निर्धारित किया। सेना में जाने का सपना अधूरा रह गया और इसी मोड़ ने उन्हें अभिनय की दुनिया में लाने का काम किया। आज जयदीप ऐसे प्रभावशाली खलनायक और मजबूत किरदार निभा रहे हैं, जिनकी प्रशंसा दर्शकों के बीच हर ओर की जा रही है।

जयदीप अहलावत का जन्म 1980 में हुआ था। वे 8 फरवरी को अपने 46वें जन्मदिन का जश्न मनाने वाले हैं। इस खास अवसर पर उनके फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने के लिए तत्पर रहते हैं। जटिल शब्दों से दूर, जयदीप अपनी सादगी और सरल स्वभाव के लिए भी मशहूर हैं।

हरियाणा से मुंबई तक का सफर

जयदीप अहलावत का जन्म हरियाणवी गांव में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वहीं प्राप्त की, और इसी दौरान उनके मन में देशसेवा की भावना प्रबल हो गई। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने रोहतक यूनिवर्सिटी से इंग्लिश में मास्टर डिग्री हासिल की। इसी बीच उन्होंने भारतीय सेना में जाने का दृढ़ निश्चय किया और इसके लिए पूरी मेहनत के साथ एसएसबी की तैयारी शुरू कर दी।

जयदीप ने सेना में भर्ती के लिए दो बार एसएसबी इंटरव्यू दिए, लेकिन दोनों बार असफलता मिली। यह समय उनके लिए बेहद कठिन था, लेकिन इस प्रकार की विफलता ने उन्हें तोड़ने के बजाय एक नई राह दिखाई। असफलता के बाद, उन्होंने थिएटर की ओर रुख किया और मंच पर अभिनय करते हुए अपनी पहचान बनाई, यहीं से उनके जीवन की दिशा बदली।

FTII से मिली पहचान

थिएटर में काम करने के बाद, जयदीप अहलावत ने एफटीआईआई से अभिनय की शिक्षा ली। वहां उन्होंने अभिनय की तकनीकी बारीकियों को सीखा और खुद को एक मजबूत कलाकार के रूप में तैयार किया। उनके निरंतर परिश्रम और धैर्य का फल देखा जा सकता है, जब उन्हें धीरे-धीरे फिल्मी दुनिया में अवसर मिलना शुरू हुए। उन्होंने 2008 में शॉर्ट फिल्म ‘नरमीन’ से अपने करियर की शुरुआत की। इसके पश्चात, उन्होंने ‘खट्टा मीठा’, ‘आक्रोश’ और ‘रॉकस्टार’ जैसी फिल्मों में छोटे लेकिन प्रभावशाली किरदार निभाए। भले ही इन फिल्मों में उनका स्क्रीन टाइम कम रहा हो, लेकिन उनकी एक्टिंग ने जबरदस्त प्रशंसा बटोरी।

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