हजारीबाग में नाबालिग के साथ दरिंदगी और हत्या मामले में हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, गृह सचिव और डीजीपी को किया तलब।

हाईकोर्ट

एक नज़र में पूरी खबर

  • झारखंड हाईकोर्ट ने 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को जवाब देने का निर्देश दिया है।
  • घटना के विरोध में भाजपा ने 30 मार्च को हजारीबाग बंद का आह्वान किया है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
  • केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पीड़ित परिवार से मिलकर महिलाओं की सुरक्षा और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

हजारीबाग में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या पर झारखंड हाईकोर्ट का सख्त रुख

रांची: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में 12 साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के बाद उसकी नृशंस हत्या के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाई है। हाल ही में, अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को जवाब देने का निर्देश दिया है। इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

हाईकोर्ट की नाराजगी और जवाब तलब

इस मामले को अधिवक्ता हेमंत सिकरवार ने जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने रखा। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने घटना को लेकर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की। खंडपीठ ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और हजारीबाग के एसपी को इस मामले में पार्टी बनाते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही, दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। अदालत ने इसे जनहित याचिका में परिवर्तित करते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ को सौंप दिया है। सुनवाई के दौरान हजारीबाग के एसपी ने वर्चुअल माध्यम से अपनी उपस्थिति दी।

घटना का विवरण

25 मार्च को विष्णुगढ़ क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची का शव संदिग्ध स्थिति में पाया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया और साक्ष्य छिपाने के लिए उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है और लोग लगातार दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

भाजपा का हजारीबाग बंद का आह्वान

इस घटना के विरोध में भाजपा ने 30 मार्च को हजारीबाग बंद का आह्वान किया है। पार्टी सरकार और प्रशासन पर लगातार सवाल उठाते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात कर रही है। 27 मार्च को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

नेताओं का दौरा और परिवार से मिलन

29 मार्च को केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी पीड़ित परिवार से मिलने गईं। उन्होंने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस मामले में कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

राज्यव्यापी आक्रोश और कैंडल मार्च

घटना के खिलाफ हजारीबाग सहित कई स्थानों पर कैंडल मार्च आयोजित किए गए। धनबाद में भी नागरिकों ने बच्ची को श्रद्धांजलि देते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। स्थानीय निवासियों का मानना है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई ही समाज में डर पैदा कर सकती है।

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