उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश और बिजली गिरने की घटानाओं को चलते 10 लोगों की मौत हुई है. वहीं अगर पिछले दो से तीन दिन में 34 लोगों की मौत की बात करें तो आकाशीय बिजली गिरने से 17, पानी में डूबने से 12 और 5 लोगों की मौत भारी बारिश की वजह से हुई है.
पूरे उत्तर भारत में जारी भारी बारिश (Torrential Rain) के बीच उत्तर प्रदेश में 34 लोगों की मौत की खबर आई है. ये मौतें पिछले दो से तीन दिन में हुई हैं. बारिश के अलावा बिजली गिरने की वजह से भी लोगों की जान गई है. इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मृतकों के घरवालों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. आर्थिक सहायता के तौर पर प्रत्येक पीड़ित घरवालों को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश और बिजली गिरने की घटानाओं को चलते 10 लोगों की मौत हुई है. वहीं अगर पिछले दो से तीन दिन में 34 लोगों की मौत की बात करें तो आकाशीय बिजली गिरने से 17, पानी में डूबने से 12 और 5 लोगों की मौत भारी बारिश की वजह से हुई है.
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अभी तक मानसून सीजन के दौरान 11 फीसदी अधिक बरसात हो चुकी है. इसके चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. इसके चलते निचले इलाकों में बाढ़ आ गई है. मौसम विभाग के डेटा के मुताबिक, प्रदेश के 75 में से 68 जिलों में बरसात हुई है.
क्या है वजह?
दरअसल, भारी बारिश ने पूरे उत्तर भारत का हाल बेहाल कर रखा है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से बाढ़ के खौफनाक दृश्य सामने आ रहे हैं. वहीं मैदानी इलाकों में स्थित शहर भी जलभराव से जूझ रहे हैं. दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और चंडीगढ़ की सड़कों पर जमा पानी ने लोगों को परेशान कर रखा है.
इस बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अगले 24 घंटे के लिए लोगों से घर में रहने की अपील की है. हिमाचल प्रदेश में अगले 24 घंटों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है. इसी तरह की अपील पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी की है. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के एक साथ मिल जाने की वजह से उत्तर भारत में इतनी भीषण बारिश हो रही है.
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