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एक नज़र में पूरी खबर
- खूंटी जिले के मुरहू में हाल ही में हुई हिंसक झड़प के बाद अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया गया है।
- प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार लोगों की रिहाई और पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
- प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
खूंटी में तनावपूर्ण स्थिति, अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान
खूंटी: खूंटी जिले के मुरहू में हाल ही में हुई हिंसक झड़प के बाद इलाके का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। शनिवार को हुई पथराव की घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। इस बीच, रविवार को सर्व सनातन समाज की बैठक में पूरे खूंटी जिले में अनिश्चितकालीन बंद का निर्णय लिया गया। यह बंद दोपहर से लागू हो गया, जिसका प्रभाव बाजारों और सड़कों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
बाजार बंद कराने निकले प्रदर्शनकारी
बैठक के बाद समाज के सदस्य शहर के विभिन्न हिस्सों में घूमकर दुकानों को बंद कराते हुए नजर आए। इसके बाद, पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा के नेतृत्व में सैकड़ों लोग खूंटी थाना पहुंचे। वहां, उन्होंने डीएसपी वरुण रजक से मिलकर अपनी मांगें रखीं। इस प्रदर्शन के दौरान, लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया और विरोध प्रकट किया।
गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग थी कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा किया जाए। इसके साथ ही, पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि निर्दोष व्यक्तियों को परेशान करने की कार्रवाई को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा की।
डीएसपी का बयान: कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरी तरह से तथ्यों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर की जा रही है। डीएसपी वरुण रजक ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मिले आवेदन के आधार पर कुछ व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। वर्तमान में, दो व्यक्तियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जबकि अन्य को रिहा करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। डीएसपी ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और कानून अपने हाथ में लेने से बचें। उन्होंने चेतावनी दी कि माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब तक दर्ज हुए 10 मामले
इस पूरे घटनाक्रम में मुरहू थाना में अब तक कुल 10 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन मामले प्रशासन द्वारा दर्ज किए गए हैं। विभिन्न संगठनों और पक्षों ने प्रशासन को अपनी-अपनी शिकायतें सौंपी हैं। एक पक्ष ने हमले की नीयत से मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे ने कानून-व्यवस्था और जुलूस के संबंध में सवाल खड़े किए हैं।
प्रशासन अलर्ट, स्थिति पर नजर
घटना के बाद से प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। जिले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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