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नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आयोजन से पूर्व क्रिकेट की दुनिया में एक नया संकट उत्पन्न हो गया है। बांग्लादेश के बाहर होने के बाद अब पाकिस्तान की भागीदारी पर भी संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि इस मेगा इवेंट में पाकिस्तान की भागीदारी का अंतिम निर्णय क्रिकेट बोर्ड नहीं, बल्कि पाकिस्तान सरकार करेगी। यदि पाकिस्तान भी बांग्लादेश की तरह बाहर होता है, तो यह टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच और आईसीसी के राजस्व पर भारी प्रभाव डालेगा।
प्रधानमंत्री की वापसी का इंतजार
लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में मीडिया से मुलाकात के दौरान मोहसिन नकवी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की भागीदारी पर अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लौटने के बाद लिया जाएगा। प्रधानमंत्री फिलहाल विदेश यात्रा पर हैं और उनके वापस लौटने पर इस मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। नकवी ने कहा कि हम आईसीसी के आदेशों का पालन नहीं करते, बल्कि अपनी सरकार के निर्देशों का सम्मान करते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच मैच न होना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है।
बांग्लादेश के साथ एकजुटता
यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत आने से मना कर दिया, जिसके बाद आईसीसी ने उनकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया। पीसीबी के अध्यक्ष ने इस निर्णय पर नाराजगी व्यक्त की और इसे डबल स्टैंडर्ड बताया। नकवी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान बांग्लादेश के रुख का समर्थन करता है और उनका मानना है कि बांग्लादेश जैसे महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर के साथ अन्याय हुआ है।
PCB का प्लान B और C
नकवी ने यह जानकारी दी कि उनके पास सभी संभावित स्थितियों के लिए प्लान A, B और C तैयार हैं। शेड्यूल के अनुसार पाकिस्तान को अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलने होंगे ताकि उसे भारत में जाने की आवश्यकता न हो। यदि सरकार अनुमति नहीं देती है, तो पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो सकता है, जो 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान महामुकाबले पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है। आईसीसी पहले ही सख्त रुख अपनाते हुए बांग्लादेश को हटाकर स्कॉटलैंड को शामिल कर चुकी है।
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