रांची: सेना और MES में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का खुलासा

रांची: मिलिट्री इंटेलिजेंस और रांची पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में सेना और मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से कई फर्जी दस्तावेज और जाली पहचान पत्र बरामद हुए हैं।

लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर कार्रवाई

लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस से प्राप्त विशेष जानकारी के आधार पर, रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चुटिया थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई, जिसमें अरविंद प्रसाद नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। वह चुटिया की शारदा कॉलोनी में निवास कर रहा था।

70 लाख रुपये की ठगी और FIR की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह युवाओं को सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर अब तक लगभग **70 लाख रुपये** की ठगी कर चुका है। शिकायतकर्ता मुन्ना कुमार की लिखित शिकायत पर चुटिया थाना में कांड सं0-45/2026 दर्ज किया गया है, जिसमें अरविंद प्रसाद समेत कुल 7 आरोपी बनाए गए हैं।

बरामद सामान की सूची: जाली दस्तावेजों का जाल

आरोपी के पास से मिले सामान ने इस गिरोह के बड़े नेटवर्क की पुष्टि की है:

  • फर्जी पहचान पत्र: दिल्ली क्राइम, MES और HCL एंटरप्राइजेज के जाली आईकार्ड।
  • मेडिकल स्टैम्प: डॉ. रमेश महासेठ (MBBS) के नाम का एक फर्जी मेडिकल स्टैम्प और पैड।
  • स्मार्ट कार्ड: 03 कैंटीन स्मार्ट कार्ड।
  • दस्तावेज: 04 आधार कार्ड और विभिन्न युवाओं के नाम पर जारी 5th Youth Games के 05 फर्जी राष्ट्रीय सर्टिफिकेट।
  • जॉइनिंग लेटर: मन्नू ठाकुर एवं अन्य के नाम पर बने MES CWE रांची के जाली जॉइनिंग और पोस्टिंग लेटर।

जांच दल की भूमिका

इस सफल अभियान में नगर वरीय पुलिस उपाधीक्षक के.वी. रमण, चुटिया थाना प्रभारी पुनम कुजूर और चुटिया थाने के अन्य पुलिस अधिकारी तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अब अन्य 06 फरार सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

सामान्य जनता के लिए चेतावनी

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सरकारी नौकरियों के नाम पर किसी भी बिचौलिए या अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर भरोसा करें।