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टी20 विश्व कप 2026: सिकंदर रजा का ऐतिहासिक प्रदर्शन
नई दिल्ली। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने टी20 विश्व कप 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से एक नई उपाधि अपने नाम की है। उनके नेतृत्व में जिम्बाब्वे ने श्रीलंका के खिलाफ खेली गई महत्त्वपूर्ण मैच में न केवल रोमांचक जीत हासिल की, बल्कि एक विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। रजा अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के किसी टूर्नामेंट में प्लेयर ऑफ द मैच (POTM) जीतने वाले सबसे उम्रदराज कप्तान बन गए हैं।
मैच का विवरण
श्रीलंका ने जिम्बाब्वे के सामने 179 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जिम्बाब्वे ने इसे 19.3 ओवर में केवल चार विकेट खोकर पूरा किया, और इस प्रकार उन्होंने छक्के के साथ छह विकेट से जीत दर्ज की। कप्तान रजा ने इस मैच में 26 गेंदों में नाबाद 45 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उनका यह प्रदर्शन 173.08 के स्ट्राइक रेट के साथ हुआ, जोकि दबाव में भी उनके आपातकालीन खेल को दर्शाता था। इस लाजवाब पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।
सिकंदर रजा का नया रिकॉर्ड
39 वर्ष 301 दिन की उम्र में रजा ने यह उपलब्धि हासिल करके इतिहास में वर्तमान समय के सबसे बड़े कप्तान के रूप में कदम रखा। इससे पहले, यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के पास था, जिन्होंने 37 साल 331 दिन की उम्र में 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में यह पुरस्कार जीता था।
जिम्बाब्वे की पारी में योगदान
मैच की शुरुआत से ही जिम्बाब्वे ने अच्छी बल्लेबाज़ी की, पावरप्ले में बिना विकेट खोए 55 रन बना लिए। सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने 48 गेंदों में 63 रन बनाए, जबकि ताडी मारूमानी ने 26 गेंदों में 34 रन का योगदान दिया। उनके बीच 69 रनों की साझेदारी ने जिम्बाब्वे को ठोस आधार प्रदान किया। रिया बर्ल ने भी 12 गेंदों में 23 रनों का योगदान देकर टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
खेल का महत्वपूर्ण मोड़
हालांकि जिम्बाब्वे के कुछ विकेट गिरे, लेकिन रजा और बेनेट ने स्थिति को संभालते हुए टीम को जीत की ओर अग्रसर किया। रजा ने मधुशंका के खिलाफ लगातार दो छक्के मारे, जिससे match का रुख बदल गया। अगले ओवर में, उन्होंने माहीश तीक्षणा पर छक्का और चौका लगाकर श्रीलंका पर दबाव बढ़ा दिया। अंतिम ओवर में, जब आठ रन चाहिए थे, तो टोनी मुनियोंगा ने छक्का मारकर जीत सुनिश्चित कर दी।
ग्रुप बी में जिम्बाब्वे की स्थिति
इस जीत के साथ, जिम्बाब्वे ग्रुप बी में अपराजेय रहते हुए सुपर आठ में पहुंच गया। इससे पहले, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया पर भी जीत हासिल कर एक बड़ा उलटफेर किया था। इस टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे का प्रदर्शन नई ऊर्जा और उत्साह से भरा हुआ है, और सिकंदर रजा की कप्तानी ने यह सिद्ध कर दिया है कि खेल में उम्र केवल एक संख्या होती है, जबकि जज्बा और प्रदर्शन असली पहचान बनाते हैं।
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