शशि थरूर ने साझा किया संजू सैमसन से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा

by TejaswitaTejaswita Mani
'अगले महेंद्र सिंह धोनी बन सकते हैं...', शशि थरूर ने शेयर किया संजू सैमसन से जुड़ा दिलचस्प किस्सा; ऐसा था गौतम गंभीर का रिएक्शन | Congress leader Shashi Tharoor shared interesting anecdote involving cricketer Sanju Samson

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में संजू सैमसन का नाम हाल के दिनों में सबसे अधिक चर्चा में रहा है। टी20 वर्ल्ड कप में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। केरल के इस विकेटकीपर बल्लेबाज की सफलता पर शशि थरूर ने एक भावुक लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने सैमसन के संघर्ष और उनकी उपलब्धियों की अनगिनत यादें साझा की हैं।

थरूर ने अपने लेख में बताया कि सैमसन से उनकी पहली मुलाकात अब भी उनकी याद में ताजा है। उस समय सैमसन एक दुबले-पतले युवा थे, लेकिन उनके चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक थी। इस दौरान थरूर को एहसास हुआ कि यह खिलाड़ी भविष्य में अद्वितीय पहचान हासिल करेगा। उनके अनुसार, सैमसन में कम उम्र में ही संतुलन, धैर्य और खेल की गहरी समझ देखने को मिली।

संघर्ष और इंतजार का दौर

थरूर ने यह भी स्वीकार किया कि सैमसन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतने मौके नहीं मिले, जितने मिलने चाहिए थे। कई मौकों पर वह टीम का हिस्सा रहे, लेकिन लगातार समर्थन की कमी ने उन्हें पीछे कर दिया। हालांकि, सैमसन ने हार नहीं मानी और अपने खेल पर विश्वास बनाए रखा, साथ ही नए अवसरों का इंतजार करते रहे।

टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी

टी20 वर्ल्ड कप में जैसे ही उन्हें खेलने का अवसर मिला, उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। महत्वपूर्ण मैचों में उनकी बड़ी पारियों ने भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्वार्टरफाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में उनके प्रदर्शन ने उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने का गौरव दिलाया, जिससे उनकी आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई।

एक दिलचस्प भविष्यवाणी

थरूर ने एक मजेदार उल्लेख किया कि 2009 में उन्होंने सैमसन से मजाक में कहा था कि वह भविष्य में महेंद्र सिंह धोनी की तरह बन सकते हैं। जब उन्होंने यह बात अपने मित्र गौतम गंभीर से साझा की, तो गंभीर ने मुस्कुराते हुए कहा कि सैमसन को किसी और का अनुकरण करने की आवश्यकता नहीं है; वह अपनी अनोखी पहचान बनाएंगे।

पढ़ाई के दौरान भी मिला था सहारा

थरूर ने एक और घटना का जिक्र किया, जिसमें बताया गया कि स्कूल के दिनों में सैमसन क्रिकेट खेलने की वजह से कई बार कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो पाते थे। इस कारण उनकी परीक्षा में बैठने की पात्रता पर सवाल उठने लगा। तब थरूर ने संबंधित अधिकारियों से बात की और सुनिश्चित किया कि खेल में उनकी उपलब्धियों को भी महत्व दिया जाए। अंततः उन्हें परीक्षा देने की अनुमति मिली और उन्होंने अपनी पढ़ाई को पूरा किया।

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!

Your Opinion on this News...

You may also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More