झारखंड पर्यटन निगम में करोड़ों का घोटाला, ईडी ने शुरू की नई जांच

ED

एक नज़र में पूरी खबर

  • झारखंड पर्यटन विकास निगम (जेटीडीसी) में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला, जिसमें ईडी ने 10 करोड़ 40 लाख रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
  • जेटीडीसी के पूर्व लेखापाल और केनरा बैंक के पूर्व प्रबंधक सहित तीन अधिकारियों को आरोपी घोषित किया गया है।
  • ईडी जांच कर रही है कि धनराशि को संदिग्ध खातों में भेजा गया और बंगाल के व्यापारियों की संलिप्तता की संभावना भी है।

झारखंड पर्यटन विकास निगम में करोड़ों की हेराफेरी का मामला

रांची: झारखंड पर्यटन विकास निगम (जेटीडीसी) में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस संदर्भ में 2026 का पहला मामला दर्ज किया है, जिसमें लगभग 10 करोड़ 40 लाख रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। जांच में निगम और बैंक के अधिकारियों के अलावा बाहरी कनेक्शन भी सामने आ रहे हैं।

इस मामले में आरोपित अधिकारी

ईडी ने अपने मामले (ECIR नंबर 1/2026) में जेटीडीसी के पूर्व लेखापाल सह कैशियर गिरजा प्रसाद सिंह और केनरा बैंक हटिया शाखा के पूर्व प्रबंधक अमरजीत कुमार तथा आलोक कुमार को आरोपी घोषित किया है।

फर्जी हस्ताक्षर से खाता खोलने की घटना

प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि 21 जून 2023 को जेटीडीसी के पूर्व प्रबंध निदेशक के फर्जी हस्ताक्षर से केनरा बैंक की हटिया शाखा में निगम के नाम पर एक खाता खोला गया। इसके बाद 13 अक्टूबर 2023 को उस खाते में 10 करोड़ 40 लाख 7496 रुपये का ट्रांसफर किया गया।

संदिग्ध खातों में धनराशि का ट्रांसफर

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि इस धनराशि को योजनाबद्ध तरीके से कई अलग-अलग संदिग्ध खातों में भेजा गया। इनमें रांची और पतरातू के निजी बैंक खातों के अलावा अन्य व्यक्तियों के नाम पर खोले गए खातों में भी पैसे ट्रांसफर किए गए, जिनकी बाद में निकासी कर ली गई।

बंगाल कनेक्शन की जांच

इस मामले में बंगाल के कुछ व्यापारियों की संलिप्तता की संभावना भी व्यक्त की जा रही है। ईडी इस एंगल से भी जांच कर रही है कि पैसे किन-किन लोगों तक पहुंचे और नेटवर्क कैसे कार्य कर रहा था।

रिपोर्ट पेश करने की तिथि

इस मामले की सुनवाई 26 मार्च को रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत में होगी। ईडी अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करेगी। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास जारी है कि रकम किन खातों में और किस माध्यम से भेजी गई।

पहले की जा चुकी है जांच

इस मामले की शुरूआत धुर्वा थाना में दर्ज एफआईआर से हुई थी। इसके बाद, पुलिस मुख्यालय के आदेश पर केस को CID ने टेकओवर किया। एटीएस के एसपी ऋषभ कुमार झा के नेतृत्व में एक SIT भी बनाई गई थी। विभागीय जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद यह मामला उजागर हुआ और अब ईडी की एंट्री से जांच में तेजी आई है।

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!

Your Opinion on this News...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More