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सुप्रीम कोर्ट की फटकार: ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म का नाम बदलने का निर्देश
मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म **’घूसखोर पंडत’** के लिए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देशक नीरज पांडे को गंभीर चेतावनी दी है। कोर्ट ने सुझाव दिया है कि इस तरह के टाइटल का उपयोग करके समाज के एक हिस्से को बदनाम करना उचित नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब तक नीरज पांडे फिल्म का नाम नहीं बदलते, तब तक फिल्म का रिलीज़ नहीं हो सकेगा।
फिल्म के टाइटल पर आपत्ति
सुप्रीम कोर्ट ने **’घूसखोर पंडत’** के टाइटल को नैतिकता और सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ बताया है। इसके चलते उन्होंने नेटफ्लिक्स पर फिल्म की रिलीज़ रोकने की अर्जी पर केंद्र, सीबीएफसी और नीरज पांडे को नोटिस जारी किया है। इससे साफ है कि फिल्म के नाम पर समाज में मौजूद संवेदनाओं का ध्यान रखा जाना ज़रूरी है।
नेटफ्लिक्स का इंडिया प्लान
इस विवाद के बीच, 03 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स ने अपने 2026 के लिए **’इंडिया प्लान’** का एलान किया था, जिसमें मनोज बाजपेयी की इस फिल्म का टीजर भी जारी किया गया था। लेकिन टाइटल के विवाद ने लोगों को सड़कों पर उतार दिया और मामला अदालत तक पहुँच गया।
मनोज बाजपेयी की भूमिका
फिल्म में मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आएंगे, जिसे पुलिस महकमे में **’पंडत’** कहा जाता है। टाइटल के खिलाफ उठे विवाद ने फिल्म की रिलीज़ को चुनौतीपूर्ण बना दिया है और अब सुप्रीम कोर्ट से मिली नोटिस के बाद फिल्म के भविष्य पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है।
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